...और रो पड़ी भाजपा नेता किरण माहेश्वरी
भाजपा बैठक में जबरदस्त हंगामा
उदयपुर। राजसमंद में शुक्रवार को भाजपा की बैठक में हंगामा हो गया। ढाई घंटे गाली-गलौच और धक्का-मुक्की का नतीजा यह रहा कि विधायक किरण माहेश्वरी रो ही पड़ीं। यह सब पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया और प्रदेश महामंत्री सतीश पूनिया के सामने हुआ। बैठक राजसमंद पंचायत समिति सभागार में हुई थी।
पूर्व गृहमंत्री कटारिया की प्रस्तावित जनचेतना यात्रा के विरोध की आशंका पर बैठक शुरू होने के साथ ही देवगढ़ के तीन कार्यकर्ताओं को बैठक से बाहर कर दिया गया था। इससे नाराज धड़े ने कटारिया और जिलाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष नंदलाल सिंघवी सहित सभी पदाधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए गालियां दी और धक्का-मुक्की हुई। मंच पर राष्ट्रीय महासचिव किरण माहेश्वरी, पूर्व गृहमंत्री कटारिया एवं प्रदेश महामंत्री पूनिया मूकदर्शक बने देखते रहे।
मामले को बढ़ता देखकर पूनिया मंच से उठे और कार्यकर्ताओं के बीच जाकर मामले को शांत करने की कोशिश की। आरोप-प्रत्यारोप के बीच किरण माहेश्वरी फूट-फूटकर रोने लगी। माहेश्वरी ने स्थानीय जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों पर जमकर गुस्सा निकाला। कार्यकर्ताओं को बाहर निकालने एवं अपमानित करने से क्षुब्ध विधायक किरण माहेश्वरी फूट-फूटकर रोने लगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता मेरे लिए रीढ़ की हड्डी है, लेकिन जिले के आयोजनों में इनकी उपेक्षा की जाती है। किरण भरे गले से इतना ही बोल पाई और रुलाई फूट पड़ी। उनकी आंखों से आंसू गिरते रहे और वे स्थानीय पदाधिकारियों पर आरोप लगाती रही।
....और वो शालीनता की दुहाई देते रहे
भाजपा के असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय महासचिव किरण, पूर्व गृहमंत्री कटारिया एवं महामंत्री सतीश पूनिया के सामने अपशब्दों का खूब इस्तेमाल किया। किरण और कटारिया चुपचाप सुनते रहे, लेकिन पूनिया खुद को रोक नहींं सके और कार्यकर्ताओं को अपशब्दों का इस्तेमाल करने से पाबंद किया। थोड़ी देर चुप रहने के बाद कार्यकर्ता एक बार फिर गालियां देने लगे और अपशब्द बोलने लगे। कार्यकर्ताओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। गालियों और हंगामे से आहत महामंत्री पूनिया ने अफसोस जाहिर किया और कार्यकर्ताओं को इस प्रकार की भाषा का प्रयोग नही करने की हिदायत दी।





