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मंदिरों में शादी करना अब नहीं आसान, देना ही होगा एड्रेस प्रूफ

Karabi Datta | Feb 06, 2013, 12:23PM IST
 
 


रांची. प्यार हुआ, परवान चढ़ा, मंदिर में जाकर माला बदल लिए और हो गए एक दूजे के लिए। भगवान को साक्षी मानकर सिंदूर दान किया और बन गए पति पत्नी। अब यह आसान नहीं है। सामाजिक रूप से पति पत्नी का दरजा पाने के लिए अब मंदिरों में भी शादी करने पर कई तरह के सर्टिफिकेट दिखाने पड़ेंगे। इसमें जन्म प्रमाण पत्र, पता और पहचान पत्र जरूरी है। लड़का हो या लड़की, हरेक के लिए यह अनिवार्य हो गया है। साथ ही लड़की की ओर से अभिभावक की उपस्थिति भी आवश्यक कर दिया गया है। अब नियमों की कड़ाई से लागू होने के बाद मंदिरों में शादी करनेवालों की संख्या तो घट गई है, लेकिन मंदिर प्रबंधक इसे समाज हित के अत्यावश्यक कदम मानते हैं।

क्यों जरूरी है प्रमाण पत्र

विभिन्न मंदिर कमेटियों का कहना है कि पिछले दिनों कई ऐसे केस आए जिसमें मंदिरों में शादी करने वाली लड़कियों के अभिभावकों ने लड़के के विरुद्ध जबरन शादी करने का आरोप लगाया। साथ ही लड़की के बालिग नहीं होने से शादी को अवैध करार दिया गया। प्रेमियों को रोकने के लिए तो भगवान के पास कोई कानून नहीं है, लेकिन समाज के नियम से बंधे मंदिर प्रबंधन कमेटी को कानून का पालन तो करना ही पड़ता है। ऐसे में मंदिर प्रबंधन पर जैसे तैसे शादी कराने का आरोप भी लगा। इससे बचने के लिए अब मंदिरों द्वारा सभी कानूनी प्रक्रिया का ख्याल रखा जाने लगा है।

क्या कहते हैं मंदिर प्रबंधक

पहाड़ी मंदिर विकास समिति के कोषाध्यक्ष हरि बाबू ने बताया कि पहले कोई भी मंदिर में आकर पुजारी से शादी करा देने का आग्रह करते थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसमें कड़ाई कर दी गई है। लड़का और लड़की से फॉर्म भराया जाता है। फोटो और बर्थ सर्टिफिकेट, एड्रेस प्रूफ, आईडी प्रूफ देखा जाता है। उसके बाद ही शादी का रस्म निभाया जाता है। शादी में लड़की की ओर से एक और लड़का की ओर से एक अभिभावक की उपस्थिति अनिवार्य होता है।

जगन्नाथपुर मंदिर के प्रधान पुजारी ब्रज भूषण नाथ मिश्र ने बताया कि यहां शादी के 10 दिन पहले सूचना देना पड़ता है। प्रमाण पत्र भी साथ ही देना होता है। शादी के समय लड़का और लड़की के पिता का उपस्थित रहना अनिवार्य होता है। पिता के नहीं रहने पर माता या चाचा, भाई या निकटतम परिजन को उपस्थित रहना होता है। साथ ही दो अन्य गवाह भी चाहिए।

कौन कौन सी सर्टिफिकेट है जरूरी

एज प्रूफ (जन्म प्रमाण पत्र)
शादी करने वाले लड़का, लकड़ी और गवाहों का दो दो पासपोर्ट साइज फोटो
सरकारी फोटो पहचान पत्र
एड्रेस प्रूफ।

 

 

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