कहा जाता है कि गुफा की लंबाई 1500 फीट से अधिक है। इसी गुफा से माता अंजनी खटवा नदी तक जाती थीं और स्नान कर लौट आती थीं। खटवा नदी में एक अंधेरी सुरंग है, जो आंजन गुफा तक ले जाती है। किंतु आज इस सुरंग में अंदर जाने का साहस कोई नहीं कर पाता क्योंकि गुफा के रास्ते में खूंखार जानवर व विषैले जीव जंतु घर बनाए हुए हैं। एक जनश्रुति के अनुसार एक बार आदिवासियों ने माता अंजनी को प्रसन्न करने के मकसद से अंजनी की गुफा के समक्ष बकरे की बलि दे दी। इससे माता अप्रसन्न हो गईं और गुफा के द्वार को हमेशा के लिए चट्टान से बंद कर लिया।