आंजन में है प्राचीन सप्त जनाश्रम
आंजन पहाड़ पर रामायण युगीन ऋषि-मुनिने जन कोलाहल से दूर शांति की खोज में आए थे। यहां ऋषि मुनियों ने सप्त जनाश्रम स्थापित किया था। यहां सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध थीं। यहां सात जनजातियां निवास करतीं थीं। इनमें शबर, वानर, निषाद्, गृद्धख् नाग, किन्नर व राक्षस थे। आश्रम के प्रभारी को कुलपति कहा जाता था। कुलपतियों में अगस्त्य, अगस्त्यभ्राता, सुतीक्ष्ण, मांडकणि, अत्रि, शरभंग व मतंग थे। छोटानागपुर में दो स्थानों पर आश्रम है। इनमें एक आंजन व दूसरा टांगीनाथ धाम है।