भंवरी सेक्स सीडी कांड: सुरक्षा के अभाव में नहीं पेश हुए कोर्ट में मंत्रीजी

जोधपुर। एएनएम भंवरी के अपहरण व ह्त्या की साजिश में अजमेर जेल में न्यायिक हिरासत में बंद लूनी विधायक मलखानसिंह विश्नोई मंगलवार को एससी-एसटी कोर्ट में निर्धारित पेशी पर नहीं आ सके। अदालत में जेल प्रशासन की ओर से कहा गया कि उचित संख्या में गार्ड नहीं होने की वजह से मलखान को जोधपुर नहीं लाया जा सका। अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण विशेष अदालत के पीठासीन अधिकारी गिरीश कुमार शर्मा ने मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को किए जाने के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि भंवरी मामले में चार्ज बहस के बाद अदालत ने 4 अक्टूबर को सभी 16 आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिए थे। इन में से पूर्व मंत्री महीपाल मदेरणा सहित 13 आरोपियों को चार्ज सुनाए जा चुके हैं, जबकि मलखानसिंह विश्नोई के हर्निया का ऑपरेशन कराए जाने की वजह से उनको चार्ज सुनाना बाकी है। इस बीच में मलखान की ओर से एससी-एसटी कोर्ट में जमानत आवेदन पेश किया गया है जिस पर बुधवार को बहस होगी। मलखान व महीपाल मदेरणा के अलावा मंगलवार को इस मामले के 12 अन्य आरोपियों को अदालत में पेश किया गया जब कि अदालत से रिहा किए गए दो अन्य आरोपी परसराम विश्नोई तथा ओमप्रकाश विश्नोई ने भी अदालत में उपस्थिति पेश की। मामले में वांछित 17 वीं आरोपी इन्द्रा विश्नोई एक वर्ष से अधिक समय से फरार चल रही है।
भंवरी की स्विफ्ट कार छोडऩे पर एतराज: पूर्व में एससी एसटी कोर्ट में भंवरी के पुत्र साहिल की ओर से अधिवक्ता जावेद मोयल ने आवेदन पेश करते हुए भंवरी मामले में चर्चित स्विफ्ट कार अदालत से छुड़वाने के लिए आवेदन पेश किया था। तब अदालत ने भंवरी के विधिक उत्तराधिकारियों की ओर से साहिल के पक्ष में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मांगा था, जिसे अधिवक्ता ने मंगलवार को पेश कर दिया, लेकिन ठीक इसी समय मामले के एक और आरोपी सोहनलाल विश्नोई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश बोड़ा की ओर से अधिवक्ता वीर बल विश्नोई ने आपत्ति पेश करते हुए कहा कि भंवरी की स्विफ्ट कार तो उनके मुवक्किल ने खरीद ली थी, इसके बदले एडवांस भी दे दिया गया था। इस पर अदालत ने 19 दिसंबर को ही बहस किए जाने के आदेश दिए।
अमरचंद की ओर से निगरानी याचिका दायर: भंवरी के पति अमरचंद नट की ओर से अधिवक्ता जावेद मोयल ने ही हाईकोर्ट में एक निगरानी याचिका दायर करते हुए एससी एसटी कोर्ट की ओर से अमरचंद के खिलाफ लगाए गए आरोपों को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने अमरचंद के खिलाफ धारा 201, 364 व 120 बी के तहत आरोप लगाए थे, लेकिन अदालत ने आरोप तय करते समय इन में से धारा 201 को अमान्य करार दिया था। लेकिन 364 व 120 बी के तहत आरोप कायम रखे।






