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लॉ एंड आर्डर पर बहस का मौका गंवाया विपक्ष ने

Inder Preet | Dec 18, 2012, 17:50PM IST

चंडीगढ़। लॉ एंड आर्डर पर बहस करवाने का मौका सरकार की चाल में आकर आज विपक्ष ने गंवा दिया। लॉ एंड आर्डर पर बहस से पहले मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल मुक्तसर में अपने ऐच्छिक कोटे से 45 करोड़ रुपए खर्च करने के विपक्ष के आरोपों पर अपना स्पष्टीकरण देना चाहते थे लेकिन विपक्ष का कहना था कि इस मुद्दे पर उन्होंने बहस करवाने की मांग की हुई है और आरोप लगाने से पहले ही मुख्यमंत्री स्पष्टीकरण कैसे दे सकते हैं? इस बात पर दोनों पक्षों में भारी हंगामा हुआ । हंगामे के बीच सरकार ने अपने पांच बिल तो पारित करवा लिए लेकिन बहस के मुद्दे पर सदन को तीन बार स्थगित करना पड़ा। पहले बीस मिनट के लिए , फिर एक घंटे और फिर कल तक के लिए सदन स्थगित करना पड़ा।
प्रश्न काल के बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ऐच्छिक फंड के आरोपों का स्पष्टीकरण देने के लिए जैसे ही उठे , विपक्ष के नेता सुनील कुमार जाखड़ ने इस पर ऐतराज जताया और कहा मुख्यमंत्री की यह आइटम एजेंडे से निकाली जा चुकी है , फिर इस पर स्पष्टीकरण के लिए मुख्यमंत्री क्यों उठे हैं? मुख्यमंत्री ने कहा, वह लॉ एंड आर्डर पर एक शब्द भी नहीं बोलेंगे वह तो आपके(जाखड़) आरोपों का ही जवाब देना चाहते हैं। मुख्यमंत्री का साथ देते हुए डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा, जाखड़ साहिब, आप सीएम से इतना डरते क्यों हो?
मुख्यमंत्री- मुझे अफसोस है कि मुझे बात ही नहीं करने दी जा रही और ये किसको करने देंगे?
स्पीकर -जाखड़ साहिब, बीएसी की रिपोर्ट तो देख लो पहले..आपके सदस्य कल क्या तय करके आए हैं
सुखबीर- मैंने तो पहले ही कहा था, विपक्ष बहस से भागने का मौका ढूंढ रहा है, ये सीएम से इतना डरते क्यों हैं?
सीएम- कैप्टन साहिब.. आप ही समझा दो इनको..(कैप्टन आज सदन में आए थे)
सभी कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए
स्पीकर- आप सीएम साहिब को बोल लेने दीजिए, लॉ एंड आर्डर पर बहस आज होगी और कल भी जारी रहेगी।
शोर शराबा होता रहा, स्पीकर ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट पेश कर दी। कांग्रेसी विधायक स्पीकर के आसन की ओर बढ़े लेकिन उन्हें मार्शल्स ने रोक लिया।
तभी स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने एजेंडे की अगली आइटम ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को ले लिया और कांग्रेसी नेता अश्विनी सेखड़ी का नाम पुकारा। लेकिन सेखड़ी वेल में कांग्रेसी विधायकों के साथ ही नारेबाजी करने में मशगूल रहे।
सेखड़ी के न आने पर स्पीकर ने संसदीय कार्य मंत्री चरनजीत सिंह अटवाल को सदन के पटल पर दस्तावेज रखने को कहा। मित्तल के दस्तावेज पटल पर रखते ही स्पीकर ने विधानक काम काज शुरू कर दिया जिसमें और एक -एक करके उन्होंने पांच बिल पेश कर दिए। इसी बीच शोरशराबा कर रहे कांग्रेसी नेताओं ने बिल की कापियां भी फाड़ दीं और स्पीकर के खिलाफ भी नारे लगाने लगे। इस पर स्पीकर ने बीस मिनट के लिए सदन को स्थगित कर दिया।
बीस मिनट बाद जब सदन फिर से शुरू हुआ तो सीएम बोलने के लिए उठे लेकिन विपक्ष ने फिर शोर मचाना शुरू कर दिया।
स्पीकर- सीएम हाउस के नेता हैं इसलिए वह कभी भी बोल सकते हैं और मैंने तो विपक्ष के नेता को भी कभी बोलने से नहीं रोका
जाखड़- स्पीकर साहिब जिस मुद्दे पर सीएम साहिब स्पष्टीकरण देना चाहते हैं उस पर तो हमने बहस के लिए समय मांगा है, बहस से पहले सीएम साहिब जवाब क्यों दे रहे हैं
सीएम- तो आप यही कह दो कि हम संतुष्ट हैं हमें जवाब की कोई जरूरत नहीं.. मैं बैठ जाता हूं। नहीं तो लाल सिंह से पूछ लो कल तो मुझे कह रहे थे कि मेरी तो कुछ चलती नहीं है
जाखड़- स्पीकर साहिब हमने आपको कई मुद्दे दिए हैं जिन पर हम बहस चाहते हैं , आप प्राथमिकता फिक्स करो।
सीएम-स्पीकर साहिब पर झूठे आरोप लगाए गए हैं जैसे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लगाए थे ..
कांग्रेसियों का शोरशराबा जारी। हाउस एक घंटे के लिए स्थगित।
स्पीकर ने मामला हल करने के लिए सुनील जाखड़, लाल सिंह, राणा सोढी, सत्ता पक्ष से उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल, मदन मोहन मित्तल और सिकंदर सिंह मलूका को अपने चैंबर में बुलाया लेकिन कोई सहमति नहीं हो सकी। सदन फिर से बैठते ही स्पीकर ने सदन को कल तक के लिए स्थगित कर दिया।

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