इस साल की सम्मानित होना था जसपाल भट्टी का बैच
चंडीगढ़। इस साल जसपाल भट्टी के बैच को ही सम्मानित होना था। हमने सोचा भी नहीं था कि वह नहीं होंगे। लेकिन फिर भी उनकी याद हमारे साथ होगी। सविता भट्टी और उनका परिवार रहेगा तो सोचेंगे कि हमारा साथी भी आ गया है। हालांकि एल्युमनी मीट पर उसकी परफॉर्मेंस और उन ठहाकों को सभी मिस करने वाले हैं। भावुक होकर अपनी बात कहते हैं पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन (पिकोसा) के प्रधान मलविंदर सिंह। पेक की एल्युमनी मीट इस बार 22 दिसंबर को कराई जा रही है।मीट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस इंडस्ट्रियल एरिया टू में रखी गई थी।
महासचिव माधुरी बंसल बताती हैं कि जसपाल भट्टी का सम्मान अब उनकी पत्नी को दिया जाएगा। जसपाल भट्टी के बचपन, उनकी कॉलेज संबंधित यादों से लेकर उनके अंतिम सफर को समाया गया है एक सीडी में। यह सीडी सभी ओल्ड ब्वायज एंड गल्र्स को दी जानी है। जसपाल भट्टी के बेटे जसराज भट्टी को यह सीडी बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भट्टी के कई दोस्त और एल्युमनी एसोसिएशन ने भी उनकी तस्वीरों और जीवन को लेकर मदद इसके लिए मुहैया कराई है। मीट में 1963, 1978, 1988 एवं 1998 वर्ष के पास आउट बैच सम्मानित किए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहेंगे गवर्नर शिवराज वी पाटिल। इसके अलावा 1988 बैच के के स्टूडेंट्स की ओर से बनवाई गई मैकाट्रॉनिक्स लैब का उद्घाटन भी किया जाएगा। 15 लाख रुपये की रकम से बनी इस लैब को सिर्फ 88 के बैचमेट्स ने मिल कर बनवाया है। प्रेस कान्फ्रेंस में श्याम बंसल, पूर्व प्रधान अनुराग अग्रवाल और धीरेंद्र तायल भी मौजूद थे।
--- जसपाल भट्टी के नाम पर पुरस्कार
पिकोसा की ओर से हर साल सितंबर में होने वाली कल्चरल नाइट अब जसपाल भट्टी के नाम पर रहेगी। इसके लिए इसके बैच मेट्स ने 3.5 लाख रुपये एकत्रित किए हैं। इसमें संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस साढ़े तीन लाख रुपये के फंड से पेक के स्टूडेंट्स को सम्मानित किया जाएगा।






