चंडीगढ़। किस्मत है जो सरबजीत के साथ हमेशा छल करती रही है। पिछले 23 सालों से पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैद सरबजीत सिंह ने बाहरी दुनिया और खासकर भारत से अपने पत्रों के जरिये राब्ता बनाए रखा। जिंदगी के तमाम उतार-चढ़ावों को सरबजीत ने समय-समय पर बयां किया। एक वक्त वह भी था जब उसकी रिहाई की घोषणा कर दी गई लेकिन उसके बदले सुरजीत सिंह की रिहाई हो गई।
यहां सरबजीत सिंह के लिखे कुछ खत पेश हैं जो उसके हाल को बखूबी बयां करते हैं।