चंडीगढ़। हिमाचल के कुल्लू जिला में मलाणा एक ऐसा गांव है, जहां लोग अपने देवता जमलू के सिवाए किसी भगवान को नहीं मानते हैं। इस गांव का विश्व में सबसे पुराना अपना लोकतंत्र है। अकबर दि ग्रेट भी इस गांव को अपने अधीन नहीं कर पाए थे। कहते हैं कि इस गांव को अपने अधीन करने के लिए अकबर बादशाह ने जमलू की परीक्षा लेनी चाही थी, देवता जमलू ने जिसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
जमलू देवता का फरमान उसके गुर( देवता का नुमायदा) द्वारा जारी होता है जो सबको मान्य होता है. यह तस्वीर जो आप देख रहे हैं, यह जमलू देवता के गुर की है।
बादशाह पर दबाब डालने जमलू देवता ने दिल्ली में बर्फ गिरवा दी थी जिसके बाद अकबर को इस देवता से माफी मांगनी पड़ी थी। लेकिन हैरत की बात तो यह है कि इस गांव में साल में एक बार यहां अकबर की पूजा भी की जाती है।
क्यों और कैसे की जाती है यहां अकबर की पूजा और क्या हैं यहां के शादी ब्याह के रिवाज जानिए तस्वीरों में।