ऐसा मानते हैं कि जब जमलू देवता ने बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया था, तो बादशाह अकबर ने दबाव बनाने की कोशिश की थी, जिस पर जमलू देवता ने दिल्ली में हिमपात करवा दिया था। जिस पर बादशाह को देवता से माफी मांगनी पड़ी थी। बाद में अकबर ने इस गांव में अपनी एक सोने की प्रतिमा प्रदान की थी, जिसकी पूजा का हम उल्लेख कर चुके हैं।