चंडीगढ़। हिमालय की गोद में बसे देव भूमि हिमाचल में महाभारत व रामायण की कई किवदंतियों है। कहते हैं कि रावण ने राम युद्ध जीतने के लिए कैलाश पर्वत पर घोर शिव तपस्या की।भगवान शिव ने प्रसन्न होकर रावण से वर मांगने को कहा तो रावण ने शिव भगवान से युद्ध में सहायता के लिए लंका चलने के लिए कहा।
भगवान शिव शिवलिंग के रूप में लंका चलने को तैयार हो गए। लेकिन उन्होंनें एक शर्त रखी कि रावण इस शिवलिंग को लंका तक भूमि पर नहीं रखेगा। यह शिवलिंग लंका रावण पहुंचा पाया था कि नहीं और कहां व क्यूं रावण ने अपने दस सिरों को काट कर शिव को दोबारा प्रसन्न करने के आहुतियां दी।
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