वे तत्काल लाहौर से आगरे पहुँच गए. इस्लामी मतांध तलवार के सामने सर झुकाए हुए, मृत्यु के भय से अपने पूर्वजों के धर्म को छोडऩे को तैयार हिंदुओं को उन्होंने ललकार कर कहा- कायर कहीं के, मौत के डर से अपने प्यारे धर्म को छोडऩे में क्या तुमको लज्जा नहीं आती ! भाई मतिराम की बात सुनकर मतांध मुसलमान हंस पड़े और उससे कहाँ की कौन हैं तू, जो मौत से नहीं डरता? भाई मतिराम ने कहाँ की अगर तुझमें वाकई दम हैं तो मुझे मुसलमान बना कर दिखाओ. मतिराम जी को बंदी बना लिया गया उन्हें अभियोग के लिए आग रे से दिल्ली भेज दिया गया वे तत्काल लाहौर से आगरे पहुँच गए। इस्लामी मतांध तलवार के सामने सर झुकाए हुए, मृत्यु के भय से अपने पूर्वजों के धर्म को छोडऩे को तैयार हिंदुओं को उन्होंने ललकार कर कहाँ- कायर कहीं के, मौत के डर से अपने प्यारे धर्म को छोडऩे में क्या तुमको लज्जा नहीं आती ! भाई मतिराम की बात सुनकर मतांध मुसलमान हंस पड़े और उससे कहाँ की कौन हैं तू, जो मौत से नहीं डरता? भाई मतिराम ने कहाँ की अगर तुझमें वाकई दम हैं तो मुझे मुसलमान बना कर दिखाओ. मतिराम जी को बंदी बना लिया गया उन्हें अभियोग के लिए आग रे से दिल्ली भेज दिया गया वे तत्काल लाहौर से आगरे पहुँच गए. इस्लामी मतांध तलवार के सामने सर झुकाए हुए, मृत्यु के भय से अपने पूर्वजों के धर्म को छोडऩे को तैयार हिंदुओं को उन्होंने ललकार कर कहाँ- कायर कहीं के, मौत के डर से अपने प्यारे धर्म को छोडऩे में क्या तुमको लज्जा नहीं आती ! भाई मतिराम की बात सुनकर मतांध मुसलमान हंस पड़े और उससे कहाँ की कौन हैं तू, जो मौत से नहीं डरता? भाई मतिराम ने कहाँ की अगर तुझमें वाकई दम हैं तो मुझे मुसलमान बना कर दिखाओ. मतिराम जी को बंदी बना लिया गया उन्हें अभियोग के लिए आगरे से दिल्ली भेज दिया गया।