भोपाल/गंजबासौदा। जेपी पॉवर प्लांट के एक्जीक्यूटिव प्रेसीडेंट (कार्यकारी अध्यक्ष) राजीव गौड़ की दक्षिण एक्सप्रेस ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। एसी कोच का गेट नहीं खुलने की वजह से वे करीब 11 किमी तक चलती ट्रेन में गेट पर लटके रहे। वे गेट खुलवाने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे। लेकिन हाथ छूट जाने से ट्रेन से नीचे गिर गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया।
40 वर्षीय गौड़ रविवार सुबह हजरत निजामुद्दीन-हैदराबाद दक्षिण एक्सप्रेस से भोपाल जाने के लिए मंडीबामौरा स्टेशन आए थे। 1.14 बजे ट्रेन आई। लेकिन जिस एसी कोच में उन्हें सफर करना था, उसके गेट नहीं खुले। इस बीच ट्रेन चलने लगी और गौड़ दूसरे एसी कोच के गेट पर लटक गए। यह हैदराबाद ले जाया जा रहा खाली कोच था। गौड़ गेट पर लटके रह गए और ट्रेन ने गति पकड़ ली। कुल्हार स्टेशन से करीब एक किमी आगे ट्रेन से गिर जाने पर उनकी मौत हो गई।
स्टेशन मास्टर ने कहा-ट्रेन रुकवानी है तो डीआरएम से बात करो:
राजीव गौड़ को एसी डिब्बे के बाहर लटकता देख उन्हें छोडऩे आए रामशरण ने दौड़कर सहायक स्टेशन मास्टर अरविंद साहू से गाड़ी रोकने के लिए मिन्नतें कीं। उन्होंने इसके बदले में होने वाले नुकसान की भरपाई करने की भी बात कही, लेकिन साहू ने यह कहकर ट्रेन रोकने से इनकार कर दिया कि इस बारे में भोपाल डीआरएम से बात कर लें। इस बीच ट्रेन कुल्हार स्टेशन पार कर चुकी थी। वहां भी ट्रेन को नहीं रोका गया।
रेलवे का कोई भी नियम जान बचाने से नहीं रोकता : डीआरएम
इस मामले में भोपाल रेल मंडल के डीआरएम राजीव चौधरी ने कहा कि रेलवे का कोई भी नियम किसी की जान बचाने से नहीं रोकता। स्टेशन मैनेजर को जो कदम उठाना चाहिए था, वह उन्होंने नहीं उठाया। उनका लाइन ऑफ एक्शन सही नहीं था। प्रथम दृष्टया इससे उनकी असंवेदनशीलता उजागर हो रही है, इसलिए फिलहाल उन्हें सस्पेंड किया गया है।
घटना के दूसरे ही दिन डिप्टी एसएस को मिली क्लीन चिट:
बीना पावर सप्लाई कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष राजीव गौड़ की मौत के मामले में सस्पेंड हुए मंडीबामोरा डिप्टी एसएस को हादसे के दूसरे दिन ही क्लीन चिट मिल गई। जांच अधिकारी महेंद्र सिंह पिंका का कहना है कि जब डिप्टी एसएस को सूचना मिली, ट्रेन सिग्नल क्रास कर चुकी थी।
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