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मास्साब में जागा शैतान, झाड़ू से उतरा सेक्स का भूत!

Amitabh Bhudolia | Jan 05, 2013, 14:15PM IST

भोपाल/विदिशा। लोहांगी मिडिल स्कूल में छात्र-छात्राओं को सामाजिक अध्ययन का पाठ पढ़ाने वाला शिक्षक खुद सामाजिकता का पाठ भूल गया। वह स्कूल में कक्षा सात व आठ में पढऩे वाली दलित वर्ग की छात्राओं के साथ दो पिछले दो महीने से छेडख़ानी कर रहा था। इससे तंग आकर छात्राओं ने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। इस पर आक्रोकिशत परिजनों ने स्कूल पहुंचकर शिक्षक की झाड़ुओं से पिटाई कर दी।



शिक्षक कथित रूप से7वीं कक्षा की छात्राओं से अश्लील बातें करता था और रात में घर आने के लिए दबाव डालता था। पिछले करीब दो महीने से यह सिलसिला चल रहा था। लगातार छेडख़ानी से तंग आकर छात्राओं के परिजनों को शिक्षक की करतूत बताई। इस पर परिजनों ने लोहा बाजार निवासी 56 वर्षीय शिक्षक अशोक जैन को स्कूल में जाकर पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। छेडख़ानी से परेशान सभी छात्राएं दलित हैं।


 



कोतवाली में रिपोर्ट करने पहुंची छात्राओं ने बताया कि उनके पिता से भी ज्यादा उम्र का शिक्षक उनसे पांच हजार रुपए लेकर रात में घर आने के लिए कहता था। बाथरूम में यदि किसी छात्रा को जाते हुए देख लेता था, तब भी बेहूदा कमेंट करता था। कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिक्षक अशोक जैन के खिलाफ छेड़छाड़ और हरिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं शिक्षक अशोक जैन की रिपोर्ट पर ४ अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट का प्रकरण दर्ज किया गया है। जब कोतवाली में दोनों पक्ष रिपोर्ट कराने के लिए पहुंचे तब भी उनके बीच जोरदार बहस हुई।




डेढ़ साल पहले हुए थे अटैच


शिक्षक अशोक जैन करीब डेढ़ साल पहले भी एक शिक्षिका से हुए झगड़े के कारण चर्चा में आए थे। शिक्षिका और उनके बीच हुए झगड़े के कारण अधिकारियों को बीच में आना पड़ा था। मामला बढ़ते देख अशोक जैन को अंदरकिला दुर्ग शाला में अटैच किया गया था। अगस्त महीने में उनका अटैचमेंट खत्म हुआ था और वे एक बार फिर लोहांगी मिडिल स्कूल आ गए थे। 


 


 


टीचर को पिटता देख कोई नहीं आया बचाने

शनिवार सुबह जब लोहांगी शाला में शिक्षक अशोक जैन की पिटाई हो रही थी तब कोई भी कर्मचारी उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया। उस वक्त आधा दर्जन से ज्यादा शिक्षक-शिक्षिकाएं स्कूल में मौजूद थे, लेकिन डर के कारण कोई भी बीच-बचाव करने नहीं आया। एक शिक्षिका का कहना था कि पहली बार किसी टीचर को इतनी बुरी तरह पिटता देखा है। वहीं एक अन्य टीचर का कहना था कि बच्चों के परिजनों के हाथों में झाड़ू और पत्थर थे। इस वजह से बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं हुई।

पढ़ाते थे सामाजिक विज्ञान विषय

शिक्षक अशोक जैन कक्षा सातवीं और आठवीं की छात्राओं को सामाजिक विज्ञान विषय की शिक्षा देते थे। शिक्षक अशोक जैन का कहना है कि वे कभी भी बच्चों को ज्यादा डांट नहीं लगाते। मुझे जबरन फंसाने के लिए कुछ लोगों ने मिलकर मारपीट की। मैं मंदिर से लौटकर आया था और मुझे कुछ पता भी नहीं चला कि मेरे ऊपर दो दर्जन लोगों ने झाड़ू जूते-चप्पल, पत्थर और ईंट से हमला कर दिया। इस संबंध में स्कूल के हेड मास्टर मुन्नालाल का कहना है कि बच्चों ने पहले ऐसी कभी कोई शिकायत नहीं की। बच्चों के आरोप गलत हैं। यदि कोई ऐसी परेशानी थी तो परिजनों को पहले शिकायत करना थी। 


 


कर दिया सस्पेंड



शिक्षक अशोक जैन को इस हरकत पर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इस दौरान बीईओ कार्यालय उनका मुख्यालय होगा।


एसबीसिंह, सीईओ जिला पंचायत 



देखिए तस्वीरों में मास्साब का हाल...


फोटो: मोनू शर्मा
 

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