भोपाल। दिल्ली में हुए गैंग रेप ने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया है। देश के कोने-कोने से महिलाओं के सपोर्ट में आवाजें उठ रही हैं, आंदोलन हो रहे हैं, लेकिन क्या हमारा ध्यान उन महिलाओं की ओर भी है, जो घरों में पुरुषों की प्रताड़ना से परेशान हैं?
संगिनी जेंडर रिसोर्स नामक संस्था ने घरेलू हिंसा पर एक साल के आंकड़े जुटाए थे। इन आंकड़ों का बारीकी से अध्ययन किया गया तो कई चौंका देने वालीं जानकारियां सामने आईं।
मसलन, कई घरों में महिलाएं अपने पति, भाई या पिता से इस कारण पिटती हैं, क्योंकि पुरुषों को तर्क और टोका-टाकी पसंद नहीं है। घरों में महिलाओं की पिटाई का सबसे बड़ा कारण शराब है। जिस महिला ने अपनी पति को दारू पीने से रोका, उसका पिटना लगभग तय है।
हैरानी की बात यह है कि यदि महिलाएं अपने साथ हुए दुर्व्यवहार या प्रताडऩा की शिकायत लेकर थाने जाती हैं, तो वहां भी उन्हें मानसिक कष्ट झेलने पड़ते हैं।
दिल्ली घटनाक्रम के बाद मध्यप्रदेश पुलिस के डीजीपी नंदन दुबे ने विभाग को एक आदेश जारी किया है। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि पुलिस महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदशील बने।
बहरहाल, क्या-क्या कारण होते हैं महिलाओं के पिटने के जानिए...