प्राकृतिक सौंदर्य से भरा पचमढ़ी: प्राकृतिक सौंदर्य के कारण सतपुड़ा की रानी के नाम से पहचाने जाना वाला पर्यटन स्थल हैं पचमढ़ी। जिसकी खोज 1857 में की गई थी, यहां स्थित वाटर फाल को जमुना प्रपात कहते हैं। सुरक्षित पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित अप्सरा बिहार का जलप्रपात देखते ही बनता हैं। रजत प्रपात, आयरेन पूल, जटाशंकर मंदिर, सुंदर कुंड, पांडव गुफाएं, धूपगढ़ भी पर्यटकों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करता हैं। धुआंधार फाल्स में पानी एक बड़े झरने के रूप में गिरता है। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी मध्य भारत के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में एक है। सतपुड़ा की पहाडिय़ों के बीच समुद्र तल से 3550 फीट की ऊंचाई पर बसा पचमढ़ी मध्य प्रदेश का हिल स्टेशन है। इस स्थान को अंग्रेजों ने सेना की छावनी के रूप में विकसित किया। पचमढ़ी में आज भी ब्रिटिश काल के अनेक चर्च और इमारतें देखी जा सकती हैं।