सदियों की भव्यता लिए सांची: भारत में बौद्ध कला की विशिष्टता व भव्यता सदियों से दुनिया को सम्मोहित करती आई है। इनमें गया के महाबोधि मंदिर और सांची के स्तूपों का जहां विश्व विरासत में शुमार है वहीं अनेक स्थानों पर निर्मित स्तूप, प्रतिमाएं, मंदिर, स्तंभ, स्मारक, मठ, गुफाएं, शिलाएं उस दौर की उन्नत प्रस्तर कला की अन्य विरासतें अपने में समाये हुए सांची को 1989 में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में भी शामिल किया गया हैं। बौद्ध धर्म का प्रमुख केन्द्र होने के कारण देशी व विदेशी पर्यटक प्रतिदिन हजारों की संख्या में पहुंचते हैं। यहां एक पुरातत्व संग्रहालय भी है।