शिव का निवास भोजपुर: मध्यप्रदेश की गंगा-जमुनी तहजीब से परिपूर्ण राजधानी भोपाल से 32 किलोमीटर दूर 11वीं सदी के परमारवंशीय राजा भोज द्वारा बेतवा नदी के किनारे बना उच्च कोटि की वास्तुकला का अद्वितीय उदाहरण है भोजपुर, जिसे भोमेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इसका चबूतरा 35 मीटर लंबा, 25 मीटर चौड़ा और 4 मीटर ऊंचा है। भारी भरकम पत्थरों से बना इसका चबूतरा अपने आप में अद्वितीय है। हजारों टनों की वजनदार अनेक पत्थरों को इस चबूतरे पर चढ़ाकर मंदिर के गर्भगृह का निर्माण किया गया है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग देश का सबसे ऊंचा शिवलिंग है। मंदिर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर जैन मंदिर है। जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएं है। 20 फीट ऊंची भगवान महावीर स्थापित है। यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। लेकिन महाशिवरात्रि, सावन मास एवं अन्य त्यौहारों पर यहां लगने वाले मेलों में दूरदराज के गांवों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या देखते ही बनती है।