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प्रदेश के पहले सोलर पावर परियोजना के उपकरण भेल बनाएगा

Anand Saxena | Nov 08, 2013, 15:48PM IST

भोपाल। भविष्य में बिजली की मांग पूरी करने की क्षमता सिर्फ सौर ऊर्जा पावर स्टेशनों के पास ही रहेगी। बिजली उत्पादन के क्षेत्र में जानी मानी इंटरनेशनल एबीबी कंपनी ने भी इसे माना है। यही कारण है कि भेल अब थर्मल, हाइड्रो और वाटर टरबाइन से बिजली पैदा करने वाले उपकरणों के अलावा अब न्यूक्लियर के साथ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है।


अभी हाल ही में प्रदेश का सबसे बड़ी सोलर पावर परियोजना राजगढ़ में बनाने का निर्णय सरकार ने लिया है। इस परियोजना को बनाने का जिम्मा नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन(एनटीपीसी) को सौंपा गया है, जो भेल से इस परियोजना को पूरा करने के लिए उपकरण खरीदेगा। सौर ऊर्जा की इस परियोजना से राजगढ़ सहित प्रदेश के एक बढ़े हिस्से को बिजली की आपूर्ति हो सकेगी।


भेल अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना पर 346 करोड़ 42 लाख रुपए की लागत आएगी। साथ ही 50 मेगावाट का पावर स्टेशन 2017 से काम करना शुरू कर देगा। इस स्टेशन पर सौर ऊर्जा से 1000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, जो अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है। भेल अधिकारियों के अनुसार अभी तक सौर ऊर्जा के 5 मेगावाट के ही प्रोजेक्ट तैयार हुए थे। भेल ने बड़े प्रोजेक्ट के उपकरण बनाना शुरू किया और आज पूरे विश्व में बढ़े प्रोजेक्ट बनने लगे।


सौर ऊर्जा परियोजना के उपकरण बनाने का काम भेल ने कुछ साल पहले ही शुरू किया है। उपकरणों की गुणवत्ता के कारण जल्दी ही उसे आर्डर भी मिलने लगे। भेल अधिकारियों के अनुसार सौर ऊर्जा से बिजली लेने का एक छोटा सा 250 किलोवाट का सिस्टम भेल भोपाल यूनिट में भी लगाया गया है। इससे पूरे कारखाने के अलावा टाउनशिप के लिए बिजली की भी व्यवस्था की जा सकती है।

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