इंदौर। पिछले दिनों दिल्ली स्थित मायके में मृत पाई गई जानी-मानी महिला उद्यमी आकांक्षा राठी के ससुराल पक्ष के चार लोगों को अग्रिम जमानत नहीं मिली। जिला अदालत इंदौर ने दहेज प्रताड़ना के मामले में अग्रिम जमानत आवेदन खारिज कर दिया। आरोपी दिल्ली निवासी हैं और वहीं से जमानत मांगी थी।
ाकांक्षा अपने पति के साथ इंदौर आकर बिजनेस कर रही थीं। उनके पति की गत 4 सितंबर को मौत हो गई थी। इसके बाद आकांक्षा ने महिला थाना इंदौर में 16 अक्टूबर को ससुराल वालों के खिलाफ दहेज यातना की शिकायत की थी। पुलिस ने प्रकरण कायम किया किंतु गिरफ्तारी नहीं की थी। इस बीच 23 अक्टूबर को आकांक्षा की भी मौत हो गई। उनके ससुर राजकुमार राठी, सास सुषमा, काका ससुर प्रदीप व देवर सौरभ सभी निवासी साधना एनक्लेव नई दिल्ली ने इंदौर जिला अदालत में अग्रिम जमानत आवेदन दिया था।
ससुराल वाले गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं- शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश सविता दुबे के समक्ष जमानत आवेदन पर सुनवाई में अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता रवींद्रकुमार देसाई ने दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा रिपोर्ट में लिखा है कि आकांक्षा दहेज यातना से परेशान थी। इसलिए उसने आत्महत्या की और मामला दहेज हत्या का हो सकता है। आरोपी प्रतिष्ठित लोग हैं और वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। अदालत ने अग्रिम जमानत आवेदन खारिज कर दिया।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने आकांक्षा का मोबाइल जब्त किया है। जिसमें कुछ मैसेज मिले हैं। इनकी पड़ताल की जा रही है।
फाइल फोटो : तस्वीरों के जरिए जानिए आकांक्षा से जुड़ी कुछ और बातें..
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