सचिन ने म.प्र में किया था सबसे बड़ा करिश्मा

इंदौर। तीन दशक से भी अधिक समय तक क्रिकेट के ग्राउंड पर राज करने वाले सचिन रमेश तेडुलकर ने क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा करिश्मा देश के दिल कहे जाने वाले म.प्र की धरती पर ही किया था।
अपनी ४६३ पारियों में से वह पारी जिसने सचिन को क्रिकेट का भगवान बना दिया था वह म.प्र की धरती पर ही खेली गई थी।
तारीख २४ फरवरी २०१० ग्वालियर का रूपसिंह क्रिकेट स्टेडियम। भारत बनाम दक्षिण अफ्रिका सीरीज का दूसरा मैच। उस वक्त आउट ऑफ फर्म चल रहे सचिन तेदुलकर जब बल्लेवाजी करने मैदान पर उतरे तो शायद ही किसी ने सोचा होगा कि आज सचिन के बल्ले से रनों का अंबार निकलेगा। पहले बल्लेबाजी कर रही भारतीय टीम ने इस बल्लेबाज ने शुरूआत से ही जब अफ्रीकी गेंदवाजों की धज्जियां उड़ान शुरू की तो तब लगने लगा था कि आज कुछ ऐसा होगा जो क्रिकेट के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। हुआ भी बिल्कुल ऐसा ही। सचिन ने ताबड़तोड़ 25 चौकै और तीन छक्के मारते हुए 200 रन मार दिए। पारी खत्म होते होते तक भी कोई गेंदबाज उन्हें आउट करना तो दूर उनके आसपास भी नहीं भटक पाया। सचिन की ही पारी की बदौलत भारत ने ४०१ रनों का विशाल लक्ष्य विरोधी टीम को दिया और आखिरकार इस मैच में दक्षिण अफ्रिका की टीम को १५३ रनों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। सचिन ने उन वक्त पाकिस्तनी खिलाड़ी सईद अनवर और चाल्र्स कवेंट्री के १९४ रनों का रिकार्ड तोड़ा था। इस पारी के पहले सचिन का रिकार्ड १४० रनों का था। उसी वक्त सचिन ने कहा था कि उनका यह रिकार्ड कोई भारतीय खिलाड़ी ही तोड़ सकता है। हुआ भी यही और इंदौर के उषाराजे क्रिकेट ग्राउंड में ८ दिसम्बर २०११ के दिन उनके ही शिष्य वीरेंद्र सहवाग ने २१९ रन बनाकर इस रिकार्ड को तोड़ दिया।






