दीवारों पर उकेरा जुल्म की दास्तां
शिवानी पर किस कदर जुल्म ढाए गए इसकी गवाह उस कमरे की दीवारें हैं, जहां उसे बंद करके रखा जाता था। शिवानी ने पेंसिल से टूटी-फूटी हिंदी में आपबीती लिखी थी। इसमें एक लाइन स्पष्ट हो सकी जिसमें लिखा था हमें मत मारो, हमने पानी भी नहीं पीया। जिसने भी शिवानी की लिखी बातें पढ़ी और थोड़ा बहुत मतलब समझा, उसकी आंखें भर आईं थीं।