दिनभर कमरे में बंद रहते
गवाह कंचन रजक के मुताबिक राजेश की जिस दिन छुट्टी रहती उस दिन घर का दरवाजा भी नहीं खुलता था। दिनभर बच्ची के रोने की आवाजें आती। एकबार हिम्मत कर मोहल्ले वालों ने दरवाजा खटखटाया तो राजेश ने गालियां देकर भगा दिया था। इसी तरह शिवानी ने एकबार कुछ कहा तो उसकी आवाज ऐसी आई मानो वह नाक दबाकर बोल रही है। राजेश, बेबी से इस बारे में पूछा तो वह शिवानी को घर के अंदर ले गए। उन्होंने उसकी पिटाई कर डाली।