मरने के बाद नौटंकी की
मंजू डावर, किरण कश्यप आदि ने गवाही में कहा कि शिवानी के मरने के तत्काल बाद बेबी और राजेश ने रोने, परेशान होने का ड्रामा शुरू कर दिया था। बेबी को पता था वह मर चुकी है इसके बाद भी वह मुंह पर पानी के छींटे मार रही थी। मोहल्ले के लोगों को मौत का पता नहीं चलता तो वह चुपचाप उसे कानपुर ले जाने की फिराक में थे।
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