मामला इंदौर के लसूडिय़ा थाने की राजीव आवास विहार कॉलोनी का था। यहां मूलत: उप्र के रहने वाले राजेश सेंगर और पत्नी बेबी किराए के मकान में रहते थे। राजेश ट्रांसपोर्टर के यहां माल की डिलीवरी का काम करता था। शादी के छह साल बाद भी उनके यहां संतान नहीं हुई। करीब आठ माह पहले उप्र के ओरैया जिले में रहने वाले रिश्तेदार परमसिंह की बेटी शिवानी को राजेश गोद ले आया था। परमसिंह की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। उसने बेटी को यह सोचकर गोद दे दिया था कि बेहतर देखभाल हो जाएगी। पड़ोसियों का कहना था कि यहां आते ही शिवानी का सुकून छिन गया। वह घर में कैद होकर रह गई थी।