राजेश के पड़ोस में रहने वाली योगिता शर्मा व मंजू डाबर ने बताया था कि शिवानी आई थी तब हमने उसका खिलखिलाता चेहरा देखा था। उसके बाद उसके चेहरे की खुशी छिन गई। मां-बाप खुद गादी पर सोते और शिवानी को चटाई पर सुलाते थे। पड़ोसियों ने बताया ऐसा कोई दिन नहीं जाता कि शिवानी को पति-पत्नी नहीं पीटते थे। हत्या से दो दिन पहले उन्होंने शिवानी को रात नौ से तीन बजे तक पीटा था। उसका कान का पर्दा फट गया था।