धर्म आधारित छात्रवृति योजना को बताया वैध
Matrix News | Feb 16, 2013, 06:00AM IST
गुजरात हाईकोर्ट ने रा\'य सरकार को झटका देते हुए केंद्र की प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना को वैध करार दिया है। साथ ही कहा है कि रा\'य सरकार को यह योजना लागू करनी चाहिए। अदालत ने योजना के अनु\'छेद 15((1)) का उल्लंघन न करने की राय देते हुए कहा कि संविधान में नागरिकों को समान सामाजिक न्याय दिलाने के लिए निर्वाचित सरकार के प्रतिनिधियों को नीति बनाने का संपूर्ण अधिकार है। केंद्र की यह योजना आरक्षण से बिल्कुल अलग तथा अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान-उत्कर्ष के लिए है। योजना समाज में भेदभाव पैदा नहीं करती, इसलिए यह संवैधानिक है। शुक्रवार को हाईकोर्ट की पांच सदस्यीय पूर्ण पीठ ने तीन बनाम दो से यह व्यवस्था दी। यह फैसला गुजरात सरकार के लिए झटका है। रा\'य का तर्क था कि केंद्र की यह योजना असंवैधानिक, अनु\'छेद 15((1)) का उल्लंघन करने वाली धर्म आधारित योजना है। पिछले साल ही यह मामला पूर्ण पीठ के समक्ष भेजा गया था। फैसले के खिलाफ रा\'य सर्वो\'च न्यायालय जा सकता है।
बहरहाल, न्यायाधीश आरआर त्रिपाठी, जेबी पारडीवाला ने सहयोगी न्यायाधीशों के उलट मत दिया है। इन दो न्यायाधीशों ने योजना को भेदभावपूर्ण एवं असंवैधानिक बताते हुए कहा है कि योजना लागू करने के लिए रा\'य सरकार को किसी प्रकार के निर्देश दिए गए तो ये अनु\'छेद 15((1)) का उल्लंघन होगा। इस तरह पूर्ण पीठ ने तीन बनाम दो से रा\'य सरकार की दलीलों को खारिज कर दिया। योजना को संवैधानिक करार दिया है। रा\'य के अधिवक्ता ने 134 ((ए)) के तहत सर्टिफिकेट मांग कर मामले को सर्वो\'च न्यायालय में चुनौती देने के संकेत दे दिए हैं। हालांकि इस बारे में फैसला डिविजनल बैंच करेगी।






