नई दिल्ली । एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा के बाद उसकी मां अनुराधा शर्मा द्वारा आत्मह्त्या कर लिए जाने से हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंञी गोपाल कांडा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने कांडा और उसकी सहयोगी अरुणा चड्ढा के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के दुष्प्रेरण) एवं 34 (एक नियत से कई लोगों द्वारा किया गया अपराध) के तहत एक और मामला दर्ज कर लिया है। भारत नगर पुलिस ने इस संदर्भ में मुकद्दमा दर्ज किया है। अब कांडा के लिए फिलहाल जमानत पाने की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गई हैं। अब कांडा के लिए क्या कानूनन तौर पर क्या -क्या मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं, इसके बारे में भास्कर डॉट कॉम ने लीगल एक्सपर्ट से राय जानी।
वरिष्ठ एडवोकेट अमित साहनी के अनुसार, अनुराधा शर्मा के सुसाइड कर लेने और कांडा व अरुणा को मौत का जिम्मेदार ठहराने से उनकी लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। अनुराधा की मौत से अदालत का रूख भी कांडा के प्रति कड़ा होना स्वाभाविक है। वहीं, अभियोजन पक्ष अनुराधा के सुसाइड नोट को गीतिका आत्म हत्या कांड में भी उसके खिलाफ बतौर दस्तावेज शामिल कर सकती है। इससे गोपाल कांडा को गीतिका शर्मा सुसाइड केस में जमानत मिलने में कठिनाई होगी। यही नहीं गीतिका केस में अगर गोपाल कांडा को जमानत मिल भी गई तो, उन्हें अनुराधा शर्मा सुसाइड मामले में भी जमानत पानी होगी, तभी वह जेल से बाहर आ सकते हैं। अगर तफ्तीश में यह तथ्य भी सामने आता है कि गीतिका के परिजनों को कांडा की तरफ से परेशान किया गया, तो यह भी उनके लिए समस्या बन सकता है।
उधर, दिल्ली पुलिस आज अनुराधा के शव का पोस्टमार्टम कराएगी, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। अनुराधा ने अपने मरने से पूर्व लिखे गए दो पेज के सुसाइड नोट में गोपाल गोयल कांडा और अरुणा चड्ढा को अपने परिवार को तबाह करने का कसूरवार बताया है।
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