नई दिल्ली।पूर्वी दिल्ली की 70 फीसदी इमारतें असुरक्षित हैं। यह बात दिल्ली के उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना ने खुद कही है। यानी कि पूर्वी दिल्ली में लोग अपनी जान हथेली पर रखकर इन घरों में रह रहे हैं। ये इमारतें इतनी कमजोर हैं कि कभी भी ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर सकती हैं।
इस बात का खुलासा आईआईटी रुढ़की की एक शोध रिपोर्ट में हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित अभी तक इस सनसनीखेज रिपोर्ट को नहीं पढ़ पाई हैं। और उनकी ओर से इस बारे में कोई भी दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए हैं। मालूम हो कि पिछले साल ही दिल्ली सरकार ने पूर्वी दिल्ली की कई कॉलोनियों को नियमित किया था।