तिहाड़ के अफसर कैदियों को देते थे मादक पदार्थ और मोबाइल, फरार कैदियों को भी नहीं पकड़ पाए

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील जेल तिहाड़ में अफसर अपनी ड्यूटी के अलावा और भी बहुत कुछ कर रहे हैं। अफसर और उनके मातहत कैदियों को मादक पदार्थों और मोबाइल फोन की सप्लाई, वीवीआईपी सुविधाएं समेत कई जरूरत पूरी करने के लिए हमेशा हाजिर रहते हैं। इसके लिए उन्हें टोकन मनी भी मिलती है। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि पैरोल पाए तीन कैदी वापस तिहाड़ नहीं लौटे और सुस्त अफसर उन्हें अभी तक ढूंढ भी नहीं पाए हैं।
तिहाड़ जेल में जाल बिछा चुके भ्रष्टाचार से तंग अधिकारियों ने 13 अफसरों को निलंबित कर दिया है। 35 कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है और 10 लोगों पर माइनर पेनल्टी लगाई गई है। वर्ष 2012 में तिहाड़ जेल से सात कैदियों सात मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। चार कैदियों तक मादक पदार्थ पहुंचाने के मामले भी सामने आए थे।
मामला दर्ज कर सतर्कता विभाग ने जांच शुरू की तो 13 अफसरों पर गंभीर आरोप साबित हुए। फिलहाल उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वहीं पैरोल पर जाने के बाद फरार हो गए कैदियों को वापस लाने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त को चिट्ठी लिखी गई है। तिहाड़ की डायरेक्टर जनरल ने उन कैदियों को ढूंढ निकालने के लिए यह मदद दिल्ली के सीपी से मांगी है।







