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सतर्कता से चुनें एजुकेशन लोन

जितेंद्र सोलंकी, सर्टिफायड फाइनेंशियल प्लानर | Oct 18, 2012, 02:03AM IST
सतर्कता से चुनें एजुकेशन लोन

एजुकेशन लोन के मामले में निर्णय लेने से पहले विभिन्न बैंकों की ब्याज दरें और तुलनात्मक कारकों पर एक निगाह जरूर डाल लेनी चाहिए ताकि सबसे सस्ते और अच्छे विकल्प को चुना जा सके।
मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उसकी फीस की व्यवस्था करना प्रत्येक विद्यार्थी या उनके अभिभावकों की बूते की बात नहीं होती। ऐसे में अच्छे संस्थान से पढ़ाई करने के लिए किसी बैंक से एजुकेशन ऋण लेने में कोई हर्ज नहीं है।
एजुकेशन लोन के मामले में निर्णय लेने से पहले विभिन्न बैंकों की ब्याज दरें और तुलनात्मक कारकों पर एक निगाह जरूर डाल लेनी चाहिए ताकि सबसे सस्ते और अच्छे विकल्प को चुना जा सके।


आइए, ऐसे ही कुछ कारकों की चर्चा करते हैं। विभिन्न बैंकों की ब्याज दरें अलग-अलग होती हैं। कुछ बैंक फिक्स्ड रेट पर एजुकेशन लोन उपलब्ध कराते हैं तो कुछ फ्लोटिंग रेट पर। एजुकेशन लोन लेने से पहले तुलनात्मक रूप से सस्ते और बेहतर विकल्प के लिए विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना ठीक रहता है। ब्याज दरों की तुलना आप ऑनलाइन भी कर सकते हैं। कई वेबसाइट यह सुविधा उपलब्ध कराती हैं।


अब बात आती है फिक्स्ड रेट पर लोन लिया जाए या फ्लोटिंग रेट पर। फिक्स्ड रेट के अंतर्गत एजुकेशन लोन की समयावधि के दौरान ब्याज की दरें एक जैसी बनी रहती हैं जबकि फ्लोटिंग रेट वाले एजुकेशन लोन के मामले में ब्याज दरें बाजार की ब्याज दर परिस्थितियों के अनुसार घटती या बढ़ती रहती हैं।


इसलिए, अगर आपको लगता है कि भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने वाली है तो आपको फिक्स्ड रेट का चयन करना चाहिए नहीं तो फ्लोटिंग रेट का विकल्प बढिय़ा रहता है। अधिकतर बैंकों के लोन पुनर्भुगतान की अवधि 5-7 वर्षों की होती है। एजुकेशन लोन के मामले में पुनर्भुगतान या रीपेमेंट मौरेटोरियम पीरियड के बाद शुरू होता है। मौरेटोरियम पीरियड नौकरी पाने के छह महीने बाद तक या कोर्स संपन्न होने के एक साल बाद, जो भी पहले हो, तक का होता है।


ब्याज दरों के अतिरिक्त लगने वाले शुल्क
ब्याज दरों के अलावा भी कई तरह के शुल्क लगाये जाते हैं जैसे लोन की प्रोसेसिंग फीस और अन्य सेवाओं के शुल्क। विभिन्न शुल्कों में प्रोसेसिंग शुल्क, डॉक्यूमेंटेशन फीस, प्री-पेमेंट और प्री-क्लोजर के शुल्क शामिल होते हैं। ये शुल्क विभिन्न बैंकों के भिन्न-भिन्न होते हैं साथ ही विदेश और देश में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग होते हैं।


कुछ बैंकों की शुल्कें तय हैं जबकि कुछ बैंक लोन की राशि के आधार पर शुल्क लेते हैं। वैसे बैंक से लोन लेना अच्छा रहता है जो कम से कम शुल्क लेते हों क्योंकि शुल्क अधिक होने से आपकी मासिक किस्तों में इजाफा हो सकता है। इसके अतिरिक्त, अगर आप कम राशि के लिए लोन ले रहे हैं तो यह गौर कीजिए कि एक खास प्रतिशत के रूप में लिया जाने वाला शुल्क ज्यादा सस्ता तो नहीं पड़ रहा? अगर ऐसा है तो आपको इसी विकल्प का चयन करना चाहिए।


कैसे लें एजुकेशन लोन
कोई भी भारतीय नागरिक ऋण की शर्तों को पूरा करते हुए शिक्षा ऋण ले सकता है। विद्यार्थी या उनके माता-पिता बच्चों के ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या फिर प्रोफेशनल या वोकेशनल कोर्स के लिए बैंकों से शिक्षा ऋण ले सकते हैं। यहां शर्त होती है कि शिक्षण संस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त होनी चाहिए। शिक्षा ऋण के तहत कॉलेज, हॉस्टल, पुस्तकालय, पढ़ाई के लिए कंप्यूटर की खरीदारी के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के मामले में आने-जाने के खर्च को भी शामिल किया जाता है।


अधिकांश मामलों में खर्च का 10-15 प्रतिशत विद्यार्थी के अभिभावकों को वहन करना होता है। पंजाब नेशनल बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि वैसे तो  कोर्स के विभिन्न चरणों में होने वाले खर्च का लेखा-जोखा (सालाना ट्यूशन फीस, लाइब्रेरी फीस, हॉस्टल फीस, कंप्यूटर या लैपटॉप की जरूरत आदि), शिक्षण संस्थान के यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन), एआईसीटीई आदि से मान्य होने का प्रमाण पत्र, पिछली परीक्षा की माक्र्स शीट, प्रवेश या स्कॉलरशिप से जुड़े कागजात, पिछले छह महीने का बैंक स्टेटमेंट, पिछले दो साल का इनकम टैक्स रिटर्न (माता-पिता या सह आवेदक का) और सह-आवेदक की परिसंपत्ति और देनदारियों से जुड़े दस्तावेज बैंकों को देना होता है। इसके अतिरिक्त आप जिस बैंक से ऋण लेना चाहते हैं और उसके ग्राहक नहीं हैं तो आवासीय प्रमाण पत्र और परिचय प्रमाण पत्र की भी जरूरत होती है।


प्रोसेसिंग में लगने वाला समय
सभी बैंकों के परिचालन का तरीका अलग-अलग होता है और यही वजह है कि विभिन्न बैंकों को लोन प्रोसेसिंग की प्रक्रिया में अलग-अलग वक्त लगाता है। लोन का प्रोसेसिंग टाइम जानना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिये आप यह जान सकते हैं कि लोन आपके हाथ में आने में कितना वक्त लगेगा।


यहां आप इंस्टीट्यूट द्वारा दिए गए वक्त से मेल करा कर यह देख सकते हैं कि निर्धारित समय-सीमा के अंदर आपको लोन मिल पाएगा या नहीं। एक बात पर गौर कीजिएगा कि बैंकों की वेबसाइट पर दिए गए प्रोसेसिंग टाइम की तुलना में वास्तविक प्रोसेसिंग टाइम कहीं अधिक हो सकता है। इसके लिए अच्छा यह रहेगा कि आप बैंक के मौजूदा ग्राहकों से संपर्क करें।


मुफ्त में मिलने वाली सुविधाएं
जाने-माने शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों और छात्राओं को बैंक डिस्काउंट देते हैं। यहां यह देखने की जरूरत है कि आप जिस संस्थान में प्रवेश लेने जा रहे हैं वह बैंक के प्रीमियम इंस्टीट्यूशन वाली सूची में शामिल है या नहीं और कोई डिस्काउंट मिल सकता है या नहीं।


कुछ बैंक के लोन के साथ मुफ्त में बीमा देते हैं जिसका प्रीमियम या तो मासिक किस्त में लिया जाता है या फिर यह बिल्कुल मुफ्त होता है। इसके अलावा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बैंक विभिन्न स्कीम भी देते हैं।

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