न पड़ें अविश्वसनीय रिटर्न के लालच में

पुरानी कहावत है लालच बुरी बला। पर जब ऐसे मौके सामने आते हैं तो अधिकतर लोगों की बुद्धि जैसे काम करना बंद कर देती है। हाल ही में कई ऐसी कंपनियां सामने आई हैं जो अविश्वसनीय रिटर्न देने का दावा कर रही थी। कई लोगों ने लालच में आकर निवेश किया और उन्हें अंत में पछताना पड़ा।
स्पीक एशिया, स्टॉक गुरु, गोल्ड सुख आदि कुछ ऐसी ही कंपनियों में शुमार थी। ये तो वैसी कंपनियां हैं जिनकी असलियत सबके सामने आ चुकी है, इसके अलावा कई ऐसी कंपनियां संभव है छोटे-छोटे शहरों में अपना परिचालन कर रही हों। जरूरत है इनसे सावधान रहने की।
असामान्य रिटर्न का छलावा
एक कहावत है कि अगर आपको अपने पैसे दोगुने करने हैं तो उसे मोड़ कर अपनी जेब में रख लें। स्टॉक गुरु का दावा था कि वह प्रति माह 20 प्रतिशत का रिटर्न दिलाएगा। इस फेर में तकरीबन दो लाख निवेशकों के लगभग 1,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि स्टॉक गुरु ने समेट लिए। इसमें निवेश करने वाले अधिकांश निवेशक छोटे निवेशक ही थे। हालांकि, किसी ने भी यह नहीं सोचा कि 20 प्रतिशत प्रति माह का रिटर्न आखिर यह कंपनी कैसे दिला पाएगी।
आपको राजस्थान की कंपनी गोल्ड सुख के बारे में तो पता होगा ही। गोल्ड सुख एक स्कीम चलाती थी जिसके तहत वह 18 महीनों में निवेशकों को 150 प्रतिशत रिटर्न देने का वादा करती थी। कंपनी का कहना था कि वह गोल्ड फ्यूचर में निवेश करती है। इस स्कीम को चलाने वाले को वियतनाम में गिरफ्तार किया गया। हालांकि, पिछले सितंबर में जयपुर जेल में इस कंपनी के मालिक की मौत हार्ट अटैक से हो गई।
स्टॉक टिप्स के झांसे में न आएं
कई कंपनियां स्टॉक टिप्स देने के नाम पर ठगी करती हैं। इनके टेलीकॉलर आपको बताते हैं कि आपके पैसे लगभग छह महीने में दोगुने हो जाएंगे अगर आप इनके बताए शेयरों में निवेश करें और इनके बताए गए टिप्स के अनुसार चलें। जब आप ऐसी कंपनी के बैंक खाते में पैसे जमा करवा देंगे तो आपको एसएमएस के जरिए स्टॉक टिप्स आने शुरू हो जाएंगे। कृष्णा स्टॉक्स ऐसी ही कंपनी थी जो अब बंद हो चुकी हैं लेकिन संभव है कई अन्य कंपनियां इसी तरह का लालच देते हुए अपना परिचालन कर रही हो।
एक परिसंपत्ति वर्ग के रूप में इक्विटी नि:संदेह दीर्घावधि में सबसे बेहतर रिटर्न देता आया है लेकिन इसके रिटर्न की गारंटी नहीं दी जा सकती। बैंक और पोस्ट ऑफिस की निवेश योजनाएं, पीपीएफ आदि जैसे विकल्प को छोड़ दें तो गोल्ड, इक्विटी, रियल एस्टेट आदि से गारंटीड रिटर्न की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। न ही कोई सलाहकार इन पर मिलने वाले रिटर्न की गारंटी देता है। इसलिए, जब भी कोई आपसे कहे कि इन परिसंपत्ति वर्गों पर इतने रिटर्न की गारंटी दी जा रही तो आप संभल जाएं। यह ठगी का एक तरीका हो सकता है।
छोटे शहरों में ही ऐसी घटनाएं अधिक
ऐसी ठग कंपनियां ज्यादातर छोटे शहरों से परिचालन करती हैं। इसकी वजह है कि वहां लोगों को आर्थिक मामलों की ज्यादा जानकारी नहीं होती और न ऐसी योजनाओं के छलावे के बारे में उन्हें पता होता है। कई मल्टी लेवल कंपनियां भी अपने पांव छोटे शहरों से ही पसारना शुरू करती हैं। छोटे निवेशक ऐसी योजनाओं के छलावे में न आएं जो अविश्वसनीय रिटर्न देने का दावा कर रही हो। ऐसी योजनाओं में रिटर्न मिलना तो दूर मूलधन वापस पाने का भी जोखिम रहता है।






