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फ़िल्म समीक्षा: 'एक था टाइगर'

BBC Hindi | Aug 15, 2012, 16:30PM IST
 
 


एक था टाइगर के पहले ही दृश्य में सलमान खान एक शख्स को इतनी जोर से मारते हैं कि कमरे में रखी हुई एश ट्रे हवा में उड़ने लगती है. एक था टाइगर में ऐसे दृश्यों की भरमार है.


सलमान-कटरीना की ये जासूसी कहानी तर्क से बिलकुल परे है और गले से नहीं उतरती. लेकिन सलमान के लाखों करोड़ों प्रशंसकों के बूते ये हिट हो जाएगी, इसमें भी कोई शक नहीं है.


कहानी शुरु होती है ट्रिनिटी कॉलेज से, जहां एक प्रोफेसर पर पाकिस्तान को मिसाइल टेक्नॉलॉजी बेचने का आरोप है. भारत सरकार अपने एक खुफिया एजेंट टाइगर (सलमान खान) को उस प्रोफेसर की गतिविधियों का पता लगाने के लिए भेजती है.


कहानी काफी तेज गति से आगे बढ़ती है, जैसा कि एक थ्रिलर फिल्म को होना चाहिए. लेकिन जब दर्शकों को एक्शन दृश्यों में और फिल्म की थ्रिलिंग कहानी में मजा आने लगता है तभी टाइगर को प्रोफेसर की केयरटेकर जोया (कटरीना कैफ) से प्यार हो जाता है.




फिल्म में एक्शन दृश्यों की भरमार है,



टाइगर को अपने काम के सिलसिले में डबलिन, इस्तांबुल, कजाकिस्तान और चिली जैसे देश जाना पड़ता है, जहां उसके साथ जोया भी होती है.


सलमान के दिन इन दिनों बहुत अच्छे चल रहे हैं और वो जिस चीज को छू देते हैं वो सोना हो जाती है.


एक था टाइगर में भी उन्हें लार्जर दैन लाइफ दिखाया गया है. उन्होंने खुलकर अपनी मसल्स की नुमाइश की है. फिल्म में उन्होंने जमकर एक्शन किया है और उनके लिए एक्टिंग का स्कोप बेहद कम है.


अपने करियर में पहली बार यश चोपड़ा कैंप के साथ काम करके उन्होंने एक और उपलब्धि हासिल कर ली है. लेकिन निर्देशक कबीर खान कहानी को सशक्त तरीके से बयां नहीं कर पाए हैं और यही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी है.


आज जबकि सिनेमा, देशों की सीमाओं का मोहताज नहीं रह गया है और लोगों को पूरी दुनिया की बेहतरीन फिल्में देखने को मिल रही हैं, ऐसे में सिर्फ तकनीक और जबरदस्त फोटोग्राफी के बलबूते अपनी फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाना थोड़ा अफसोसजनक लगता है.


कबीर खान ने इससे पहले न्यूयॉर्क जैसी अच्छी और संवेदनशील फिल्म दी है तो उनसे कुछ ज्यादा उम्मीद थी जो एक था टाइगर बिलकुल पूरी नहीं करती.


फिल्म में अपने मिशन को पूरा करने के लिए सलमान जिस तरह की भयानक मारधाड़ करते हैं वो कभी कभी बेढंगा लगता है. लेकिन इसमें भी कोई शक नहीं कि फिल्म की जान अगर कोई है तो वो सलमान खान ही हैं. फिल्म में वो बेहतरीन लगे हैं और उनकी महिला प्रशंसकों को तो वो खासतौर पर पसंद आएंगे.




फिल्म में सलमान खान और कटरीना कैफ की अच्छी केमेस्ट्री है.



जब ये सब हो, तो एक्टिंग पर भला किसका ध्यान जाता है. किसे परवाह है इस बात की कि सलमान अपने चेहरे पर जरा भी भाव नहीं ला पाते.


सलमान और कटरीना की केमेस्ट्री अच्छी लगी है. दोनों रोमांटिक दृश्यों में एक दूसरे के साथ खासे सहज नजर आते हैं. ऐसे दृश्य बहुत कम हैं लेकिन जो भी हैं, वो लोगों की तालियां बटोर ले जाते हैं.


एक्शन दृश्यों को बेहतरीन लोकेशंस में फिल्माया गया है. फिल्म का छायांकन शानदार है. जो लोग मुंबई की गलियों और सड़कों को फिल्मों में देख देखकर बोर हो चुके हैं उन्हें ये लोकेशंस काफी राहत देंगीं.


फिल्म बुधवार, 15 अगस्त को रिलीज हुई है. इसलिए इसे लंबी छुट्टियों का फायदा जरूर मिलेगा और पूरी उम्मीद है कि सलमान की बाकी फिल्मों की तरह इसे भी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कामयाबी मिलेगी. क्योंकि पिछली फिल्मों को भी समीक्षकों से अच्छे रिव्यूज नहीं मिले थे, लेकिन इस बात का सलमान के प्रशंसकों पर जरा भी प्रभाव नहीं पड़ा था.


 
 
 

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