आयोग का चला डंडा, चुनावी राज्यों में मुस्लिम आरक्षण पर रोक
Source: नेशनल ब्यूरो | Last Updated 10:18(12/01/12)
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में अल्पसंख्यकों के लिए 4.5 फीसदी आरक्षण दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को अमल में लाने पर रोक लगा दी है। यह रोक चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक रहेगी। उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक आरक्षण पहले ही बड़ा चुनावी मुद्दा बन चुका है। आयोग ने रोक लगाने संबंधी यह आदेश बुधवार रात जारी किया। आदेश में कहा गया है कि आयोग के संज्ञान में यह मामला आया है कि केंद्र सरकार ने आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करके अल्पसंख्यक आरक्षण का फैसला किया है।
मामले पर विचार करने के बाद आयोग ने पाया कि यह फैसला चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से दो दिन पहले यानी 22 दिसंबर को लिया गया, जबकि आचार संहिता 24 दिसंबर को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही लागू हो गई थी। आयोग ने कर्मिक मंत्रालय को हिदायत दी है कि वह चुनाव वाले राज्यों में निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक इस फैसले को लागू न करे। दरअसल आयोग के फैसले का चुनाव वाले राज्यों पर खास असर नहीं होगा क्योंकि चुनाव प्रक्रिया होने तक वैसे भी वहां किसी तरह की भर्ती आचार संहिता के चलते नहीं हो सकती।
हालांकि केंद्र के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की पूरी सियासत इसी मसले पर केंद्रित होकर रह गई है। भाजपा जहां धर्म के आधार पर आरक्षण को असंवैधानिक करार देकर इसका जोरदार विरोध कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे बड़े फैसले के रूप में प्रचारित करके सियासी लाभ उठाने की फिराक में है।
गौरतलब है कि केंद्र के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में सरकार बनने पर अल्पसंख्यकों को साढ़े चार के बजाय नौ फीसदी आरक्षण की बात कहकर कानून मंत्री सलमान खुर्शीद पहले ही निर्वाचन आयोग के निशाने पर आ चुके हैं। आयोग ने उन्हें मंगलवार रात को इस संबंध में आचार संहिता के उल्लंघन का नोटिस थमाकर उनसे जवाब तलबी की है। खुर्शीद को दिए गए नोटिस की समयावधि गुरुवार शाम पांच बजे समाप्त हो रही है।