विज्ञापन
 
 
 

तालिबान के साथ वार्ता में पाक की भूमिका पर सवाल

 
Source: BBC Hindi   |   Last Updated 06:15(06/02/12)
 
 
 
| Email  Print Comment
 


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी सोमवार से दो दिन के क़तर के दौरे पर हैं. इसे मुख्यत व्यापार संबंधी दौरा बताया जा रहा है. लेकिन इससे ज़्यादा सबका ध्यान इस बात पर लगा है कि तालिबान के साथ अमरीका की बातचीत की कोशिशों पर वहाँ क्या विचार विमर्श होता है.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बातचीत मे ये मुद्दा उठेगा हालांकि ये औपचारिक एजेंडा में शामिल नहीं है.

दरअसल तालिबन क़तर में ही अपना कार्यालय खोल रहा है.इस बात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है कि तालिबान के साथ बातचीत को लेकर पाकिस्तान का रुख़ क्या रहेगा.

पाकिस्तान ने बताया है कि तालिबान के साथ बातचीत की कोशिशों को लेकर अमरीका ने उसे सूचित किया है.

लेकिन बीबीसी संवाददाता का ये भी कहना है कि अफ़ग़ान सरकार की तरह पाकिस्तान ख़़ुद को इस प्रकिया से अलग-थलग महसूस कर रहा है और वो इसे कूटनीतिक तरीके से नज़रअंदाज़ किया जाना मान रहा है.

जटिल रिश्ता

क़तर बातचीत से ठीक उलट अफ़ग़ान सरकार अपनी कोशिशों में लगी है- अफ़ग़ानिस्तान और तालिबान में सीधी बातचीत जिसकी मेज़बानी सऊदी अरब करेगा.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक इस अफ़ग़ान अभियान को तालिबान कितना समर्थन देता है कहना मुश्किल है.

तालिबान के साथ संभावित वार्ताओं के बीच सवाल ये खड़ा हो रहा है कि पाकिस्तान किसका समर्थन करेगा- क़तर वार्ता का या सऊदी अरब वार्ता का.

वैसे यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने बयान दिया है कि पाकिस्तान स्थायित्व वाला अफ़ग़ानिस्तान चाहता है और वो अफ़ग़ानिस्तान की अगुआई वाली किसी भी शांति वार्ता का समर्थन करेगा.

तालिबान पर पाकिस्तान के प्रभुत्व को देखते हुए पाकिस्तान का रुख़ अहम माना जा रहा है.

टीकाकारों के मुताबिक अमरीका की मुश्किल ये है कि तालिबान से पाकिस्तान के नज़दीकी रिश्ते के कारण पाकिस्तान अमरीका के लिए समस्या का हल भी बन सकता है और अपने आप में ख़ुद समस्या भी है.

अमरीका आरोप लगाता आया है कि जहाँ तक तालिबान की बात है पाकिस्तान उसके साथ दोहरी चाल चल रहा है.

पिछले कुछ समय से अमरीका और पाकिस्तान के रिश्ते काफ़ी ख़राब दौर से गुज़रे हैं और दोनों देशों ने एक दूसरे में भरोसे की कमी जताई है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अगर अमरीका और अफ़ग़ानिस्तान दोनों तालिबान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान की मदद चाहते हैं तो ऐसे में पाकिस्तान के लिए ये परीक्षा की घड़ी होगी.

 
 
 
 
| Email  Print Comment
 
 
 
 
आपके विचार

 
 
कोड :
7 + 9

 
 
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

रोचक खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बॉलीवुड

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जीवन मंत्र

 
 
 
 
 
 
 
 
 

क्रिकेट

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बिज़नेस

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जोक्स

 
 
 
 
 
 
 
 
 

पसंदीदा खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

फोटोगैलरी

Most Viewed

'ये जवानी है दीवानी'
लंदन के विभिन्न रंग
Just Added

हैलो..हैलो
इफ्तेखार स्मृति में आयोजित नाटय समारोह में रवीन्द्र भवन में बुधवार को नाटक एक ठग।
 
 
 
विज्ञापन
 
 


Copyright © 2011-12 DB Corp ltd., All Rights Reserved.
Site Powered by I Media Corp. Ltd IMCL, DB Corp Ltd. Enterprise.