विज्ञापन
 
Home >> Politics >> National Leaders >> Lal Krishna Advani >> In The Retail Sector, Foreign Direct Investment (F

कांग्रेस पर आडवाणी का ये करारा जवाब

Bhaskar News | Sep 24, 2012, 10:36AM IST
 
 

नई दिल्ली. रिटेल क्षेत्र में सीधे विदेशी निवेश (एफडीआई) को खुद कांग्रेस ने देश विरोधी बताया था। उस वक्त जबकि एनडीए सत्ता में था और कांग्रेस विपक्ष की बागडोर संभाल रही थी।

आडवाणी ने अपने ताजा ब्लॉग में यह जानकारी दी है। मामला 2002 का है। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार पर कांग्रेस के प्रियरंजन दासमुंशी ने आरोप लगाया था। कहा था कि वाजपेयी सरकार बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दबाव में खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को अनुमति देने की योजना बना रही है। उन्होंने इसे पूरी तरह से राष्ट्र विरोधी निर्णय करार दिया था। कहा था कि इससे लोगों के रोजगार छिन जाएंगे। आडवाणी ने लिखा कि कि इससे कांग्रेस के दोहरे चरित्र का पता चलता है। वह एक ही चीज को कभी सही तो कभी गलत बताती है।

आडवाणी ने बताया कि देश में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राष्ट्र के नाम संबोधन में शुक्रवार को बहुराष्ट्रीय कंपनी वॉलमार्ट के लिए दरवाजे खोल रहे थे। उसी वक्त न्यूयार्क शहर में वॉलमार्ट के लिए दरवाजे बंद किए जा रहे थे। प्रधानमंत्री दावा कर रहे थे कि रिटेल में एफडीआई से किसी छोटे दुकानदार या किसान का नुकसान नहीं होगा। उसी दिन अमेरिका में खबर छपी थी कि वॉलमार्ट छोटे व्यापारियों को खा जाती है।


शौरी और दासमुंशी की बातचीत का जिक्र

आडवाणी ने कांग्रेस के प्रियरंजन दासमुंशी और तत्कालीन विनिवेश मंत्री अरुण शौरी के बीच हुई बातचीत के अंश अपने ब्लॉग में लिखे हैं। इसके मुताबिक दासमुंशी ने रिटेल में एफडीआई को लेकर चिंता जताई थी। जवाब में शौरी ने स्पष्ट किया था कि सरकार (तत्कालीन एनडीए) की ऐसी कोई मंशा नहीं है कि एफडीआई को खुदरा क्षेत्र में लागू किया जाए।

लेकिन अभी शौरी तो कह रहे हैं कि रिटेल में एफडीआई से नुकसान नहीं!

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी की बातचीत के हवाले से आडवाणी रिटेल में एफडीआई को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं। लेकिन शौरी के सुर अलग हैं। शनिवार को भोपाल में उन्होंने कहा कि रिटेल में सीधे विदेशी निवेश से लोगों का बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होगा। विदेशी कंपनियों को भी बहुत ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पांच-छह साल पहले कुछ बड़ी कंपनियां रिटेल में आईं। लेकिन छोटे व्यापारियों पर इससे असर नहीं पड़ा बल्कि आज ये कंपनियां मुश्किल में हैं।
 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
8 + 6

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment