हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजारों की इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे नाकारात्मक संकेतो के कारण भारतीय बाजार संभल नही सके। एशियाई बाजारों के रेड जोन में बंद होने के बाद यूरोपीय बाजार भी लाल निशान पर खुले। जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों की चाल पर देखने को मिला। बीएसई में मिडकैप और स्मालकैप फ्लैट बंद हुए जबकि सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो मेटल सेक्टर को छोड़कर शेष सभी सेक्टर लाल निशान पर बंद हुए।
सबसे ज्यादा मार रियलिटी, ऑयल एंड गैस और हैवी कंपोनेंट सेक्टर पर पड़ी।
बीएसई सेंसेक्स 82 अंक गंवाकर 17748 और एनएसई का निफ्टी 30 अंक लुढ़क कर 5381 पर बंद हुआ।