मैरीकॉम की जीत की रणनीति क्या होगी
लंदन. लंदन ओलिंपिक में महिला मुक्केबाज़ी के 51 किलोग्राम वर्ग में भारत की मेरीकॉम का मुकाबला इंग्लैंड की निकोला एडम्स से होगा। भारतीय खेल प्रेमियों को पांच बार की विश्व चैंपियन मेरीकॉम से स्वर्ण पदक की उम्मीद है, लेकिन सेमी फाइनल में उनका मुकाबला आसान नहीं है। निकोला एडम्स ने इस साल मई में मेरीकॉम को हराया था। दोनों ही मुक्केबाज़ 51 किलोग्राम श्रेणी में खेल रहे हैं, लेकिन निकोला मेरीकॉम से तीन इंच के करीब लंबी भी हैं।
जाने-माने बॉक्सिंग कोच ओपी भारद्वाज का कहना है कि मेरीकॉम निकोला एडम्स से जीत सकती हैं बशर्ते वो अपने अनुभव का इस्तेमाल करें। भारद्वाज कहते हैं, "मैरीकॉम का जो कद है उसके हिसाब से उन्हें दूर से खेलना होगा, लंबे पंच लगाने होंगे और जवाबी हमले पर ज्यादा ध्यान देना होगा। मैच में वे कितना फुर्ती दिखाती हैं वो तय करेगा कि मैरीकॉम सफल हो पाती हैं या नहीं।"
वीडियो देखना ज़रूरी
इससे पहले ट्यूनीशिया की मुक्केबाज़ के खिलाफ़ मेरीकॉम ने पहला राउंड बहुत संभल कर खेला था और विपक्षी खिलाड़ी की क्षमता को भांप कर आगे के राउंड में तेज़ आक्रमण किया था। तो क्या सेमीफाइनल में भी यही रणनीति कारगर रहेगी? भारद्वाज कहते हैं कि ऐसा ज़रूरी नहीं है। वे कहते हैं, "वे विश्व की नंबर दो बॉक्सर हैं और पहले से तैयार होंगी। इस स्तर पर आखिरी मौके पर मेरीकॉम प्रतिद्वंदी को आंक नहीं सकतीं। उन्हें और उनके कोच को निकोला का वीडियो देखकर पहले से मैच की रणनीति बनानी होगी।"
निकोला ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरीकॉम के खिलाफ़ मुकाबले को लंबा खींचना चाहेंगी जिससे उन्हें फायदा पंहुचेगा। 29 साल की निकोला ने मेरीकॉम को पहले हराया है और उनका हौसला भी काफी बढ़ा हुआ है।
अनुभवी मुक्केबाज़
इधर मेरीकॉम ने निकोला को ध्यान में रखकर तैयारी की है। मैच के बाद बीबीसी से ख़ास बातचीत में उन्होंने बताया, "मैं अपनी ओर से पूरी तैयारी कर रही हूँ। मैं पिछले तीन-चार साल से लिवरपूल में अपने से लंबे और बड़े लड़के के साथ अभ्यास कर रही हूँ।"
निकोला महान मुक्केबाज़ मोहम्मद अली की प्रशंसक हैं और उनका वीडियो देखकर उन्होंने मशहूर 'अली शफ़ल' का अभ्यास किया है। इस दांव में खिलाड़ी अपने कदमों को खास अंदाज़ में तेज़ी से आगे-पीछे करता है और प्रतिद्वंदी को छकाता है। मुकाबला मुश्किल है, लेकिन भारद्वाज कहते हैं कि उन्हें मेरीकॉम से जीत की उम्मीद है। वे कहते हैं, "मेरीकॉम काफी अनुभवी बॉक्सर है, वो रिंग के अंदर फैसला ले सकती है कि किस आक्रमण को बचाना है और किस पर जवाबी मुक्के बरसाने हैं। मेरीकॉम बाएं हाथ की मुक्केबाज़ है और इसका फायदा उन्हें मिल सकता है।"









