क्या है फिल्म पर भड़के गुस्से की असली वजह?
पैग़ंबर मोहम्मद पर बनी विवादित फ़िल्म के विरोध की आंच मध्यपूर्व, यूरोप और अमरीकी सहित भारत में भी पहुंच चुकी है लेकिन ये फिल्म दुनियाभर में लोगों को आखिर क्यों उकसा रही है.
फिल्म में क्या दिखाया गया है?
इनोसेंस ऑफ मुस्लिमस नामक इस फिल्म में इस्लाम को हिंसा और द्वेष फैलाने वाले धर्म के रुप में दिखाया गया है. फिल्म के चित्रण के मुताबिक पैगंबर मुहम्मद मूर्ख और सत्ता से लोभी शख्स थे.
फिल्म की शुरुआत में एक इसाई परिवार को मुसलमानों द्वारा प्रताड़ित होते दिखाया गया है, जो मध्यपूर्व में इसाईयों के खिलाफ़ हुए हमलों का संकेत देता है. फिल्म के कई हिस्सों में पैगंबर और उनके सहयोगियों को धन-संपत्ति के लिए महिलायों और बच्चों की हत्या करते दिखाया गया है.
फिल्म में क्या है जो अपमानजनक है
बेन्गाज़ी में फ़िल्म के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन में अमरीकी राजदूत समेत कई लोग मारे गए हैं.
पैगंबर मुहम्मद को किसी भी रुप में साकार करना अपने आप में गैर-इस्लामी है. इस फिल्म में उन पर कई कटाक्ष किए गए हैं. उनकी पत्नी ख़दीजा और उनके सहयोगियों के खिलाफ़ भी फिल्म में कई टिप्पणियां है ये सभी ईश-निंदा के अंतर्गत आते हैं.
इसके अलावा पैगंबर मुहम्मद का किसी स्त्री के साथ प्रेमालाप, उनका लालच और हिंसात्मक चित्रण अपने आप में अपमानजनक है.
क्या कहना है फिल्म के अभिनेताओं का?
फ़िल्म के अभिनेताओं का कहना है कि फिल्म में इस्लाम के बारे में जो भी बातें कहीं गई हैं वो कलाकारों ने शूटिंग के दौरान नहीं कहीं बल्कि उसे बाद में डब किया गया है.
फिल्म को लेकर विरोध के अलावा भी क्या कुछ पक रहा है?
2006 में डेनमार्क में पैगंबर मुहम्मद पर छपे कार्टून से मचे बवाल ने यह सेबित कर दिया था कि इस तरह के मामलों में इस्लाम के अपमान के बहाने इस्लामी और गैर इस्लामी राजनीतिक दल अपना हित साधने की कोशिश करते हैं. जानकारों का मानना है कि इस फिल्म के ज़रिए पश्चिम के खिलाफ़ लोगों का गुस्सा ज़ाहिर हो रहा है.
जिस तरह के हालात इन दिनों हैं उनमें किसी भी संदर्भ में प्रदर्शन भड़क सकते हैं.
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