
होम्स में पिछले हफ़्ते शुरू हुए हमले में अब तक सैकड़ों लोग मारे गए हैं.
सीरिया में सरकारी सेना एक होम्स शहर पर रॉकेटों और तोप के गोलों से हमले जारी रखे हैं. कार्यकर्ताओं का कहना है कि गुरुवार को क़रीब 95 लोगों की मौत हो गई है. पिछले हफ़्ते शुरू हुए होम्स पर सरकारी सेना के हमले में अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
सीरिया का तीसरा बड़ा शहर होम्स राष्ट्रपति बशर अल-असद की सत्ता के ख़िलाफ़ 11 महीने पहले शुरू हुए विद्रोह का प्रमुख केंद्र है.
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून सीरियाई सेना की कार्रवाई को ‘नृशंस’ बता चुके हैं.
संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के विरुद्ध कार्रवाई वाले प्रस्ताव को रूस और चीन ने वीटो कर दिया था. उसके बाद से अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समस्या के समाधान के लिए जूझ रहा है.
होम्स पर बीते शुक्रवार को हमला शुरू हुआ था और इसके निशाने पर विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाक़े हैं.
इस हमले में बाबा अम्र का इलाक़ा सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि बुधवार रात को इस इलाक़े में 50 लोगों की जान गई थी.
पड़ोसी देश लेबनान में बीबीसी संवाददाता जिम मुइर के अनुसार वहां हथियारबंद विद्रोहियों के साथ बहुत से आमलोग भी हैं.
बाबा अम्र में मौजूद एक डॉक्टर अली हज़ूरी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि शहर पर ज़बर्दस्त गोलीबारी हो रही है.
डॉक्टर अली हज़ूरी ने कहा, “हम पर गोलों की बरसात हो रही है. सरकारी सेना भारी तोपखाने का प्रयोग कर रही है. ”
एक अन्य समाचार एजेंसी एपी के अनुसार जब भी गोलीबारी थोड़ी देर के लिए रुकती है, तो लाउडस्पीकरों पर रक्तदान के लिए गुहार लगाई जाती है.
मानवाधिकार संगठन ह्यमन राइट्स वॉच ने कहा है कि सरकारी सेना किसी को शहर से बाहर नहीं जाने दे रही है और इस वजह से घायल लोगों को पर्याप्त चिकित्सा सहायता मुहैया नहीं हो पा रही है.
सीरिया में स्वतंत्र मीडिया के प्रवेश पर रोक लगी हुई है. इस वजह से मरने वालों की संख्या के आंकड़ों की तस्दीक नहीं की जा सक रही है.
सीरियाई सेना का कहना है कि वो विदेश समर्थिक हथियारबंद गुटों से लड़ रहे हैं. उधर सेना के कई भगौड़े होम्स और कुछ अन्य शहरों में विद्रोहियों से मिल गए हैं.