कुन्नथ फार्मा ने किया मानहानि केस
वजह :- डिस्पार के निदेशक डा. एस.एस.अग्रवाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मुसली पावर एक्सट्रा में टेडेलफिल की मात्रा है। जब कंपनी ने अपनी तरफ से जांच की तो पता चला कि जिस इंस्ट्ीटयूट के वह प्रमुख हैं, वहां अच्छी तरह से टेस्ट करने की सुविधा नही है। इसलिए कंपनी ने डा. अग्रवाल पर मानहानि का मुकदमा किया
मुसली पावर एक्सट्रा नाम से शक्ति वर्धक दवा बनाने वाली कंपनी कुन्नथ फार्मा ने कुछ संगठनों पर अपनी छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया है। कुन्नथ फार्मा के प्रबंध निदेशक के.सी.अब्राहम ने बताया कि हमारी छवि जानबूझकर खराब की जा रही है। कुन्नथ फॉर्मा के उत्पाद मुसली पावर एक्सट्रा को सात साल के छोटे से समय में सभी आयु वर्ग के लोगों की तरफ से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।
अब्राहम ने बताया कि डिस्पार के निदेशक डा. एस.एस.अग्रवाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मुसली पावर एक्सट्रा में टेडेलफिल की मात्रा है। जब हमने अपनी तरफ से जांच की तो पता चला कि जिस इंस्ट्ीटयूट के वह प्रमुख हैं, वहां अच्छी तरह से टेस्ट करने की सुविधा नही है। इसलिए कंपनी ने डा. अग्रवाल पर मानहानि का मुकदमा किया लेकिन डा. अग्रवाल ने कोई जवाब नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकारों के ड्रग कंट्रोल विभाग ने डा. एस.एस अग्रवाल की रिपोर्ट के आधार पर सैम्पल को वापस ले लिया और जब इसका परीक्षण किया, तो पता चला कि मुसली पावर एक्सट्रा में कोई भी केमिकल नही है। केरल में भी कंपनी के उत्पाद की मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री को केरल हाईकोर्ट से हरी झंडी मिल चुकी है।
उन्होंने बताया कि मुसली पावर एक्सट्रा की छवि खराब करने वाले एक प्रकाशन के खिलाफ झूठी खबर छापने को लेकर मानहानि का मुकदमा किया है। राजस्थान में २७ जुलाई को प्रकाशित खबर को उन्होंने सिरे से नकार दिया और कहा कि राजस्थान स्टेट आयुर्वेद विभाग ने मुसली पावर एक्सट्रा को लेकर कोई भी आर्डर नहीं जारी किया है।






