गुडग़ांव में सीएचडी का हाउसिंग प्रोजेक्ट
दिल्ली में मास्टर प्लान 2021 मंजूर होने के बाद रियल एस्टेट फर्म सीएचडी डेवलपर्स की राष्ट्रीय राजधानी के आवासीय सेगमेंट में भी प्रवेश की योजना है। रियल्टी की यह कंपनी अभी मुख्य रुप से हरियाणा के गुडग़ांव और करनाल में रिहायशी फ्लैट बनाने पर फोकस कर रही है। कंपनी दक्षिण दिल्ली में आईजीआई एयरपोर्ट से सटे गुडग़ांव में द्वारका एक्सप्रेस वे के किनारे 350 करोड़ रुपये के निवेश से आवासीय परियोजना विकसित कर रही है।
इसके लिए जुलाई में कंपनी ने करीब 12.34 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है। कंपनी के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) रवि सौंड ने मीडिया को बताया कि उनकी कंपनी का फोकस अभी सिर्फ हरियाणा पर ही है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान 2021 की मंजूरी के बाद उनकी कंपनी दिल्ली में भी आवासीय सेगमेंट विकसित करने पर विचार कर सकती है।
सौंड के मुताबिक कंपनी आगामी चार साल में गुडग़ांव और दिल्ली के बीच द्वारका एक्सप्रेस वे के प्रोजेक्ट पर 350 करोड़ रुपये का निवेश कर आवासीय परियोजना विकसित करेगी। इस योजना में कुल 652 अपार्टमेंट्स बनाए जाएंगे। इनमें करीब 150 अपार्टमेंट्स का निर्माण पहले फेज के दौरान किया जाएगा, जिसके लिए निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है।
नोएडा की ओर रुख के सवाल पर सौंड ने कहा कि भूमि अधिग्रहण में दिक्कत नहीं होने की वजह से कंपनी का मुख्य फोकस हरियाणा की ओर है।
निर्माण लागत में हो रही लगातार बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि कंपनी तय समय-सीमा के भीतर ग्राहकों को पजेशन देने की कोशिश करती है जिससे निर्माण लागत में इजाफे की समस्या से निपटा जा सके। गुडग़ांव में बनाए जा रहे आवासीय प्रोजेक्ट गोल्फ एवेन्यू को चार साल में पूरा कर लिया जाएगा। यहां बनाए जा रहे अपार्टमेंट्स की कीमत अभी 5,050 रुपये प्रति वर्ग फुट है।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए हरियाणा को प्रस्ताव
नई दिल्ली सीएचडी डेवलपर्स की ओर से गुडग़ांव में बन रही आवासीय परियोजना में बेहतर तकनीक का इस्तेमाल होगा। कंपनी के सीओओ रवि सौंड ने बताया कि निर्माण में पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए कंपनी ग्राउंड वाटर के स्थान पर नाले के पानी का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। कंपनी ने हरियाणा सरकार को यह प्रस्ताव भेजा है।
इसमें कहा गया है कि साढ़े तीन साल के लिए कंपनी नाले के पानी को उपयोग के लिए वहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करेगी। इसके बाद वह मुफ्त में सरकार को सौंपने का प्रस्ताव है। इसके अलावा प्रोजेक्ट में सोलर आधारित बालकनी बनाने की विशेष योजना है जिससे बिजली की कमी को पूरा किया जा सके।






