26 अक्टूबर, बुधवार को दीपावली का त्योहार है। दीपावली के इस मौके पर सभी धन की देवी महालक्ष्मी की पूजा करते हैं और यह कामना करते हैं उनका बिजनेस या व्यापार में दिनोंदिन तरक्की हो। यहां हम आपको बता हैं बिजनेस के अनुसार महालक्ष्मी की पूजा किस शुभ मुहूर्त में करें-
अमावस्या 26 अक्टूबर को सूर्योदय के पूर्व ही 5 बजकर 16 मिनट से आरंभ होकर 2 बजकर 30 मिनिट तक रहेगी। रात 9 बजकर 02 मिनट के बाद स्वाति नक्षत्र का विहित योग भी रहेगा।
अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के राष्ट्रीय महासचिव आचार्य कृष्णदत्त शर्मा के अनुसार इस दिन सूर्योदय से लेकर दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक वृश्चिक, धनु लग्न, लाभ अमृत के शुभ चौघडिय़ा, कल कारखानों, ट्रांसपोर्टरों, डॉक्टरों एवं होटल का व्यवसाय करने वालों के लिए लक्ष्मी पूजन का विशेष मुहूर्त है।
दोपहर 12 बजकर 37 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त एवं मकर, कुंभ लग्न, उद्वेग चर का चौघडिय़ा, वकीलों, चार्टर्ड अकानंटेंटों, प्रापर्टी डीलरों और तेजी मंदी का व्यापार करने वालों, फाइनेंसरों को अकूत लक्ष्मी देने वाला है।
दोपहर 3 बजकर 42 मिनट से 5 बजकर 25 मिनट तक मीन-मेष दोनों ही लग्न सोना, चांदी, हीरा-जवाहरात का व्यापार करने वालों के लिए दीपावली पूजा मुहूर्त श्रेष्ठ है। चर, लाभ, उद्वेग के चौघडि़ए मुहूर्त अभिष्ठ सिद्धिदायक होंगे।
प्रदोष काल जिसका दीपावली-महालक्ष्मी पूजन में सर्वाधिक महत्व है, सायंकाल 5 बजकर 30 मिनट से रात 8 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल का अर्थ है दिन-रात का संयोग। विष्णु रूप और रात्रि लक्ष्मी रूपा है तथा प्रदोष काल के स्वामी भगवान शंकर हैं। इसमें वृष लग्न की व्याप्ति भी सायंकाल 06 बजकर 46 मिनट से रात 8 बजकर 42 मिनट तक व्यापारियों व गृहस्थियों के लिए दीपावली, महालक्ष्मी, कुबेर, दवात-कलम, तराजू-बाट, तिजोरी इत्यादि पूजन के लिए कल्याणकारी है।
रात 9 बजे से 10 बजकर 52 मिनट तक मिथुन लग्न, शुभ अमृत के चौघडि़ए स्वाति नक्षत्र बुधवार को विशेष योग इस वर्ष महालक्ष्मी दीपावली पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
रात 11 बजकर 40 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तक महानिशीथ काल जिस पर धन की देवी लक्ष्मी की संपूर्ण दृष्टि भी रहेगी। इस अवधि में महाकाली पूजन विशेष काम्य प्रयोग व तंत्र अनुष्ठान आदि आगम विधि के लिए शुभ है।
उत्तर रात्रि लग्न सिंह 01 बजकर 20 मिनट से 03 बजकर 38 मिनट तक रहेगी, यह भी व्यापार में अत्यंभ लाभ और लक्ष्मी की स्थिरता का समय है।
Related Articles: