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भाई दूज 28 को: भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक

 
Source: धर्म डेस्क. उज्जैन   |   Last Updated 10:17(28/10/11)
 
 
 
 

कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है। इस बार यह पर्व 28 अक्टूबर, शुक्रवार को है। इसका महत्व इस प्रकार है-
धर्म ग्रंथों के अनुनसार कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन ही यमुना ने अपने भाई यम को अपने घर बुलाकर सत्कार करके उसे भोजन कराया था, इसीलिए इस त्योहार को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। तब यमराज ने प्रसन्न होकर उसे यह वर दिया था कि जो व्यक्ति इसदिन यमुना में स्नान करके यम का पूजन करेगा, मृत्यु के पश्चात उसे यमलोक में नहीं जाना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि सूर्य की पुत्री यमुना समस्त कष्टों का निवारण करने वाली देवी स्वरूपा है। उसका सगा भाई मृत्यु का देवता यमराज है।
यम द्वितीया के दिन मथुरा में विश्राम घाट पर स्नान करने और यमुना के किनारे स्नान करके वहीं यमुना और यमराज की पूजा करने का बड़ा माहात्म्य माना जाता है। इस दिन बहन भाई की पूजा कर उसकी दीर्घायु तथा अपने सुहाग की रक्षा के लिए हाथ जोड़कर यमराज से प्रार्थना करती है। स्कंद पुराण में लिखा हुआ है कि इस दिन यमराज को तृप्त और प्रसन्न करने से पूजन करने वालों को मनोवांछित फल मिलता है। धन-धान्य, यश एवं दीर्घायु की प्राप्ति होती है।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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