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दीपावली: बहीखाता, कुबेर, तुला व दीपमाला पूजन विधि

 
Source: धर्म डेस्क. उज्जैन   |   Last Updated 10:43(21/10/11)
 
 
 
 

दीपावली पर बहीखाता पूजन, कुबेर पूजन, तुला पूजन तथा दीपमाला का पूजन भी किया जाता है। इनकी पूजन विधि इस प्रकार है-
बहीखाता पूजन- बही, बसना तथा थैली में रोली या केसरयुक्त चंदन से स्वस्तिक का चिह्न बनाएं एवं थैली में पांच हल्दी की गांठें, धनिया, कमलगट्टा, अक्षत, दूर्वा और द्रव्य रखकर उसमें सरस्वती का पूजन करें। सर्वप्रथम सरस्वती का ध्यान इस प्रकार करें-
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती नि:शेषजाड्यापहा।।
ऊँ वीणापुस्तकधारिण्यै श्रीसरस्वत्यै नम:
- इस नाममंत्र से गंधादि उपचारों द्वारा पूजन करें-
कुबेर पूजन- तिजोरी अथवा रुपए रखे जाने वाले संदूक आदि को स्वस्तिकादि से अलंकृत कर उसमें निधिपति कुबेर का आह्वान करें-
आवाहयामि देव त्वामिहायाहि कृपां कुरु।
कोशं वद्र्धय नित्यं त्वं परिरक्ष सुरेश्वर।।
आह्वान के बाद ऊँ कुबेराय नम: इस नाममंत्र से गंध, पुष्प आदि से पूजन कर अंत में इस प्रकार प्रार्थना करें-
धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च।
भगवान् त्वत्प्रसादेन धनधान्यादिसम्पद:।।
- इस प्रकार प्रार्थनाकर पूर्व पूजित हल्दी, धनिया, कमलगट्टा, द्रव्य, दूर्वादि से युक्त थैली तिजोरी मे रखें।
तुला (तराजू) पूजन- सिंदूर से तराजू पर स्वस्तिक बना लें। मौली लपेटकर तुला देवता का इस प्रकार ध्यान करें-
नमस्ते सर्वदेवानां शक्तित्वे सत्यमाश्रिता।
साक्षीभूता जगद्धात्री निर्मिता विश्वयोनिना।।
ध्यान के बाद ऊँ तुलाधिष्ठातृदेवतायै नम:
- इस नाममंत्र से गंधाक्षतादि उपचारों द्वारा पूजन कर नमस्कार करें।
दीपमालिका (दीपक) पूजन-  किसी पात्र में ग्यारह, इक्कीस या उससे अधिक दीपकों को प्रज्वलित कर महालक्ष्मी के समीप रखकर उस दीपज्योति का ऊँ दीपावल्यै नम: इस नाममंत्र से गंधादि उपचारों द्वारा पूजन कर इस प्रकार प्रार्थना करें-
त्वं ज्योतिस्त्वं रविश्चनद्रो विद्युदग्निश्च तारका:।
सर्वेषां ज्योतिषां ज्योतिर्दीपावल्यै नमो नम:।।
दीपमालिकाओं का पूजन कर संतरा, ईख, धान इत्यादि पदार्थ चढ़ाएं। धान का लावा(खील) गणेश, महालक्ष्मी तथा अन्य सभी देवी-देवताओं को भी अर्पित करें। अंत में अन्य सभी दीपकों को प्रज्वलित कर उनसे संपूर्ण ग्राहकों अलंकृत करें।
दीपावली पर इस प्रकार बहीखाता, कुबेर, तुला व दीपमाला पूजन के साथ ही देवी लक्ष्मी का पूजन, देहलीविनायक, कलम व दवात का पूजन भी किया जाता है तथा देवी महालक्ष्मी की आरती की जाती है। इनके बारे में जानने के लिए रिलेटेड आर्टिकल पर क्लिक करें।



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