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नई कंपनियों के लिए निवेश की निराली सुविधा

बिजनेस ब्यूरो | Dec 12, 2012, 02:21AM IST
नई कंपनियों के लिए निवेश की निराली सुविधा

प्रक्रिया
2009 में शुरू किया गया था आईएक्सलरेटर कार्यक्रम
27 स्टार्ट-अप फर्मों को अब तक मिली है सहायता
2013 में जनवरी के आखिरी सप्ताह में होगा डेमो
नई कंपनी की शुरुआत करने के लिए दो चीजों की जरूरत होती है। पहला है बिजनेस का आइडिया और दूसरा शुरुआती निवेश। बिजनेस आइडिया बहुतों के पास होता है, लेकिन इसके लिए शुरुआती निवेश जुटाना खासा मुश्किल साबित होता है। इसी काम को आसान बनाया है इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद ने।


आईएक्सलरेटर नामक इस प्रोग्राम के तहत स्टार्ट-अप फर्मों में 10 लाख रुपये का शुरुआती निवेश किया जाता है। इस कार्यक्रम को आईआईएम, अहमदाबाद और सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रोन्योरशिप (सीआईआईई) टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा कम्युनिकेशंस के साथ मिलकर चला रहे हैं। इस साल स्टार्ट-अप फर्मों के लिए अपने उत्पादों के प्रदर्शन के लिए इस कार्यक्रम के तहत जनवरी, 2013 के आखिरी सप्ताह का समय तय किया गया है।


कार्यक्रम के आयोजकों द्वारा जारी बयान के मुताबिक, आईएक्सलरेटर में पांच एंजल इनवेस्टमेंट पार्टनर हैं। डेमो के दिन स्टार्ट अप फर्मों को अपने अंतिम प्रोटोटाइप या उत्पाद इन एंजल निवेशकों को दिखाने होंगे। इन परियोजनाओं के लिए इन्हें 10 लाख रुपये तक की निवेश राशि मुहैया कराई जाएगी।


टाटा कम्युनिकेशंस के चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर श्रीनिवास अड़ापल्ली ने कहा कि हम बड़े विचारों को बड़े बिजनेस में बदलते हुए देखना चाहते हैं। इस मामले में किसी का वरदहस्त कई बार काफी काम आता है। सीआईआईई के सीईओ प्रणय गुप्ता ने कहा कि यह केवल निवेश की बात नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री में एक अग्रणी टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ गठजोड़ की क्षमता की बात है।


आईआईएम, अहमदाबाद ने सीआईआईई व टाटा कम्युनिकेशंस के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को वर्ष 2009 में शुरू किया था। तब से लेकर इस कार्यक्रम के तहत इंटरनेट एवं मोबाइल सेक्टर की 27 स्टार्ट-अप फर्मों को सहायता मुहैया कराई जा चुकी है। कार्यक्रम के तहत हर साल एक आवेदन प्रक्रिया के जरिए कुछ स्टार्ट-अप फर्मों का चयन किया जाता है।


इसके बाद, इन्हें तीन माह के रेजिडेंशियल कार्यक्रम में शामिल किया जाता है। अंतिम रूप से चुनी जाने वाली प्रत्येक स्टार्ट-अप फर्म को सीड-कैपिटल मुहैया कराई जाती है। साथ ही, उन्हें शुरुआती स्तर पर निवेश करने वाली कंपनियों के सामने अपने उत्पादों के प्रदर्शन का मौका भी दिया जाता है।

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