सरबजीत के बहाने सआदत हसन मंटो की कहानी टोबा टेक सिंह
बंटवारे के दो-तीन साल बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान की हुकूमतों को ख़याल आया कि सामान्य क़ैदियों की तरह पागलों का भी तबादला होना चाहिए, यानी जो मुसलमान पागल हिंदुस्तान के पागलख़ानों में हैं, उन्हें पाकिस्तान पहुँचा दिया जाए और जो हिंदू और सिख पाकिस्तान के पागलख़ानो में हैं, उन्हें हिंदुस्तान के हवाले कर दिया जाए।
मालूम नहीं, यह बात माक़ूल थी या गै़र माकूल़, बहरहाल दानिशमंदों के फ़ैसले के मुताबिक़ इधर-उधर ऊँची सतह की कान्फ़ेंस हुई और बिल आख़िर पागलों के तबादले के लिए एक दिन मुक़र्रर हो गया।
अच्छी तरह...
नई दिल्ली। मुंबई में झमाझम बारिश तो दिल्ली में तपती दोपहरी। इन सबके बीच एक रिपोर्ट ने सबको और अधिक तपा दिया है।बीते मई का महीना वर्ष 1880 के बाद से दूसरा सबसे गरम महीना रहा। वर्ष 2012 से पहले वर्ष 2010 में भी मई के महीने ने रिकार्ड तोड़ा था। यूएस नेशनल क्लाइमेट डाटा...