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स्मृति शेष: रमेशजी का भाषा से प्रेम ऐसा कि पांच जुबान में निकाले अखबार

स्मृति शेष: रमेशजी का भाषा से प्रेम ऐसा कि पांच जुबान में निकाले अखबार
रमेशचंद्र अग्रवाल। भास्कर पत्र समूह के चेयरमैन। पत्रकारिता और कारोबारी जमात की नायाब और बेनजीर शख्सियत। अपने-परायों के बीच भाई साहब के नाम से पहचान। हमेशा सफारी सूट में नजर आते। उनके व्यवहार का कमाल था कि लाल जाजम पर चलने वाले भी उनके मुरीद थे। आला से लेकर अदना तक की पहुंच रमेशजी तक थी। यकीन नहीं आता कि रमेशजी ने बुधवार 12 अप्रैल को नश्वर संसार को अलविदा कह दिया। - अब थोड़ा फ्लैश बैक में चलें तो आपको बताता चलूं कि बड़े सेठजी यानी सेठ द्वारका प्रसाद अग्रवाल ने भोपाल से 1954-55 में प्रकाश नाम से अखबार...
April 15, 10:23 AM

भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल के निर्माण से निर्वाण का सफर...

भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल के निर्माण से निर्वाण का सफर...
भोपाल. ये तस्वीरें उन यादों का झरोखा है जो 73 सालों में रमेशजी के जीवन में आए अहम लम्हों को दिखाता है। इनमें उनके विवाह की यादगार तस्वीर भी है तो उनके नाती के साथ एक मनमोहक क्लिक भी। वह देश के तीन प्रधानमंत्रियों के साथ नजर आ रहे हैं। तस्वीर उस पल की भी जब डीबी कॉर्प बीएसई में लिस्टेड हुआ। ...और बुधवार को जब उनकी पार्थिव देह भोपाल पहुंची। आगे की स्लाइढ्स में 7 फोटोज में देखेंभास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल के निर्माण से निर्वाण का सफर... ये भी पढ़ें... स्मृति शेष: रमेशजी का भाषा से...
April 15, 10:19 AM

रमेशजी नहीं रहे, शवयात्रा आज सुबह 9:30 बजे से, अंतिम संस्कार 10:30 बजे

रमेशजी नहीं रहे, शवयात्रा आज सुबह 9:30 बजे से, अंतिम संस्कार 10:30 बजे
भोपाल/अहमदाबाद.दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल नहीं रहे। वे 73 वर्ष के थे। रमेशजी को बुधवार सुबह 11 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दिल का दौरा पड़ा। तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। रमेशजी मंगलवार सुबह भोपाल से दिल्ली गए थे। बुधवार सुबह 9:20 की फ्लाइट से वे 11 बजे अहमदाबाद पहुंचे। विमान से उतरते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा। अंतिम यात्रा उनके भोपाल स्थित निवास से गुरुवार सुबह 9:30 बजे भदभदा घाट के लिए निकलेगी। अंतिम संस्कार 10:30 बजे होगा। - पीएम...
April 13, 09:55 AM

पाठकों को भास्कर की सबसे बड़ी ताकत मानते थे रमेशजी, 23 फरवरी को आए थे सीकर

पाठकों को भास्कर की सबसे बड़ी ताकत मानते थे रमेशजी, 23 फरवरी को आए थे सीकर
सीकर.दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल का मानना था कि पाठक ही भास्कर की सबसे बड़ी ताकत हैं। पाठकों की बदौलत ही भास्कर इस मुकाम तक पहुंचा है। 23 फरवरी को वे भास्कर के नए ऑफिस भवन व प्लांट के उद्घाटन के लिए सीकर आए थे। इस दौरान वे डेढ़ घंटे तक पाठकों से रूबरू हुए। उन्हाेंने बताया था कि बड़े मुद्दे उठाने और खबर को हर तथ्य और पूरी जानकारी के साथ पेश करने के कारण ही आज दैनिक भास्कर देश का पहला और विश्व का चौथे नंबर का समाचार पत्र है। इस दौरान उन्होंने भास्कर की विकास यात्रा भी साझा की थी।...
April 13, 07:47 AM

मिलनसार-मृदुभाषी थे रमेश जी, हर क्षेत्र में रहा उनका योगदान

मिलनसार-मृदुभाषी थे रमेश जी, हर क्षेत्र में रहा उनका योगदान
पटना.दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन व समाजसेवी रमेश चंद्र अग्रवाल के निधन पर मंत्री, नेता, वकील व सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। सबने उनके निधन को पत्रकारिता, उद्योग जगत और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया। पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव, राज्य सभा सांसद डॉ. मीसा भारती ने कहा कि रमेश जी के निधन से पत्रकारिता व उद्योग जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। वे पिछले चार दशक से अधिक समय से पत्रकारिता जगत से जुड़े...
April 13, 05:14 AM

रीडर को ही दैनिक भास्कर का सच्चा लीडर मानते थे रमेशचंद्र अग्रवाल

रीडर को ही दैनिक भास्कर का सच्चा लीडर मानते थे रमेशचंद्र अग्रवाल
जयपुर.दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेश चन्द्र अग्रवाल के निधन पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संवेदना संदेश में कहा कि मिलनसार व्यक्तित्व एवं सकारात्मक सोच के धनी अग्रवाल ने देशभर में सकारात्मक एवं सार्थक पत्रकारिता के नये प्रतिमान स्थापित किए। अग्रवाल ने अपने कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शिता से दैनिक भास्कर समूह को राष्ट्रीय स्तर का अग्रणी मीडिया समूह बनाया। उन्होंने मीडिया जगत में करीब 5 दशकों तक सक्रिय रहकर पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित किए। -...
April 13, 04:56 AM

नो निगेटिव होली पर पॉजी-टून, पॉजिटिव सोच का चुटीला अंदाज

नो निगेटिव होली पर पॉजी-टून, पॉजिटिव सोच का चुटीला अंदाज
यह सुखद संयोग है कि इस बार होली भास्कर की पहल नो निगेटिव मंडे को आई है। हमारे कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी ने होली से जुड़ी पॉजिटिव सोच को अपने चुटीले कार्टून में दिखाया है। और आखिर...होली पर कहे जाने वाले बुरा न मानो का मतलब भी तो वही है- नो निगेटिव।
March 13, 03:07 AM

देश का अकेला ऐसा मार्केट : 484 साल पुराने इस बाजार को सिर्फ महिलाएं चलाती हैं...

देश का अकेला ऐसा मार्केट :  484 साल पुराने इस बाजार को सिर्फ महिलाएं चलाती हैं...
मणिपुर.16 वीं सदी में बना मणिपुर का इमा बाजारदेश ही नहीं संभवत: दुनिया का इकलौता एेसा बाजार है...इमा बाजार यानी मदर्स मार्केट वर्ष 1533 में बना था। इस बाजार के बसने के पीछे भी एक कहानी है। दरअसल, तब पुरुषों को चावल के खेतों में काम करने भेज दिया जाता था। तब घरों में अकेली औरतें बचती थीं। धीरे-धीरे इन्हीं औरतों ने यह बाज़ार बसा दिया। पुराने मार्केट के पास ही यहां 2010 में सरकार ने नया मार्केट भी शुरू किया है।मछली से लेकर महंगे से महंगा कपड़ा तक खरीद सकते हैं... - यहांं करीब 3500 महिलाएं अपनी दुकानें चलाती हैं।...
March 8, 08:54 AM

जब भारतीय महिला ने कहा- अगर मैं मोटी तो आई एम फैट...

जब भारतीय महिला ने कहा- अगर मैं मोटी तो आई एम फैट...
जब भारतीय महिला ने कहा- अगर मैं मोटी तो आई एम फैट... अगर मैं पतली तो आई एम फ्लैट.. अगर मैं मेकअप करूं तो आई एम फेक.. अगर ना करूं तो आई एम बहनजी... अगर मैं प्रिटी ड्रेस पहनूं तो आई एम शो-ऑफ... अगर मैं ना पहनूं तो आई एम विलेजर... अगर मैं कहूं कि मैं क्या सोचती हूं तो आई एम बैड... अगर मैं कुछ ना बोलूं तो आई हैव एटीट्यूड प्राॅब्लम.. अगर मैं रोती हूं तो आई एम ड्रामा क्वीन... अगर मैं नहीं रोती हूं तो आई एम इमोशनलेस... अगर लड़के मेरे दोस्त तो आई एम कैरेक्टरलेस.. अगर नहीं तो आई एम नैरो माइंडेड.. अगर मैं खुद के लिए खड़ी हूं तो...
March 8, 08:02 AM

शाहरुख खान का विशेष आलेख: स्त्री स्वतंत्र व्यक्तित्व है सबको मानना ही होगा

शाहरुख खान का विशेष आलेख: स्त्री स्वतंत्र व्यक्तित्व है सबको मानना ही होगा
औरत के साथ कोई बदतमीज़ी करेगा तो उसको सज़ा मिलनी ही चाहिए। मिलेगी ही। जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। आप ख़ुद ही देखिए किसी औरत के साथ कोई अपराध होता है, तो अपराध करने वाले के पास हज़ार रास्ते हैं उसमे से बाहर निकलने के। किसी औरत पर कोई एसिड फेंके, तो ऐसा हो सकता है कि वो बेल लेकर आराम से बाहर आकर अपनी ज़िंदगी जीने लगे। कहने का मतलब है हमारे क़ानून और कड़े होने चाहिए। हमारे नियम इतने मज़बूत होने चाहिए। फिर लोग फ़ायदा उठाने की कोशिश ही नहीं करेंगे। दोस्त ग़लत होगा, तो नहीं बचाऊंगा मैं इस...
March 8, 07:59 AM

7 साल में 6% घट गई बाहर निकलने की आजादी, अपराध दोगुना बढ़ गया

7 साल में 6% घट गई बाहर निकलने की आजादी, अपराध दोगुना बढ़ गया
नई दिल्ली। ये जानकर हैरानी होगी कि आज भी देश की करीब 80 फीसदी महिलाओं को अस्पताल जाने के लिए भी पति या परिवार के सदस्यों से पूछना पड़ता है। महिलाओं के खिलाफ अपराध पिछले 10 साल में दोगुने हो गए। अकेले सफर करने वाली महिलाओं के लिए मैट्रो शहरों में दिल्ली सबसे ज्यादा असुरक्षित है।शीर्ष कोर्ट में केवल एक महिला जज... - देश की राजनीति में लोग काफी दिलचस्पी लेते हैं लेकिन क्या आप को पता है 70 सालों में अब तक देश में 7 फीसदी महिलाएं ही राजनीति में आ सकी हैं, जबकि देश में इनकी आबादी 48.17% है। इसके अलावा अभी देश के...
March 8, 07:31 AM

सर्वश्रेष्ठ आठ किताबें बता रहीं खुशी है कहां, जानिए इतनी मीठी है खुशियां

सर्वश्रेष्ठ आठ किताबें बता रहीं खुशी है कहां, जानिए इतनी मीठी है खुशियां
नई दिल्ली.नववर्ष पर खुशी और सफलता के इस अंक में भास्कर साझा कर रहे हैं ऐसी सर्वश्रेष्ठ किताबों के बारे में जानकरी, जिन्हें पढ़कर हो सकती है आपके नए साल की खुशनुमा शुरुआत। यहसर्वश्रेष्ठ आठ किताबें बता रहीं हैं कि खुशी है कहां। 1.The Slight Edge (जेफ ऑल्सन) आज हमारे पास एक सिक्का है। अगर वो हर दिन दोगुना होता रहे, तो एक ही महीने में वह लाखों में तब्दील हो जाएगा। इसी तरह यदि हम हर दिन एक दिशा में दोगुना न सही, एक प्रतिशत भी बढ़ें, तो एक साल में खुद को 365 गुना ज्यादा बेहतर स्थिति में पाएंगे। 2.दूसरों से 10%...
January 1, 09:16 AM

जानें खुशी क्या है और कहां हैै, फिर बस इन्हें तलाशते रहिए

जानें खुशी क्या है और कहां हैै, फिर बस इन्हें तलाशते रहिए
नई दिल्ली.नववर्ष पर खुशी और सफलता के इस अंक में भास्कर आपसे साझा कर रहे है ऐसी बातें, जिनसे जानें खुशी क्या है और कहां हैै। अचानक कोई खोई हुई चीज़ मिल जाना। बारिश में भीगना। ग्राउंड फ्लोर पर ही लिफ्ट का मौजूद रहना। बच्चे का छूकर सुबह आपको उठाना। अकेले में यू ही डांस करना। किताब को पढ़ते हुए ख्यालों में खो जाना। भरी बस में किसी को अपनी सीट दे देना। अकेले में बैठकर बीते दिनों की तस्वीर देखना, ये खुशी ही तो है, जो हमारे जीवन को सार्थक करती है। बस इन्हें तलाशते रहिए.... - बच्चे का अचानक मुस्कुरा देना।...
January 1, 08:49 AM

क्या है सफलता की सांप-सीढ़ी : विद्वानों के विचारों और सफल लोगों के कामों से समझें

क्या है सफलता की सांप-सीढ़ी : विद्वानों के विचारों और सफल लोगों के कामों से समझें
नई दिल्ली. सफलता की सीढ़ी तो हमेशा बताई जाती है, लेकिन वास्तव में यह क्या है? आइए, विद्वानों के विचारों और सफल लोगों के कामों से समझते हैं कि कैसे हैं सफलता की सीढ़ी के पायदान और बाधा के सांप कैसे रोकते हैं रास्ता... सफलता की सीढ़ी जज्बा ये हो कि अाप सर्वश्रेष्ठ हैं चैंपियन बनने के लिए मानकर चलना होता है कि आप सर्वश्रेष्ठ हैं। अगर नहीं हैं तो भी ये दिखाना पड़ता है कि आप श्रेष्ठ हंै। यह सोच एक संकल्प की तरह है कि आपको खुद को साबित करना है।- मोहम्मद अली प्रतिष्ठित लेखक स्टीफन किंग जब 23 साल के थे तो एक...
January 1, 07:56 AM

ट्रम्प के आने से कितनी बदलेगी दुनिया? भारत का साथ है जरूरी

ट्रम्प के आने से कितनी बदलेगी दुनिया? भारत का  साथ है जरूरी
वॉशिंगटन/नई दिल्ली. अमेरिका में सत्ता का हस्तांतरण होने जा रहा है। हर कोई जानना चाहता है कि यह बदलाव दुनियाभर के सामरिक हालात और कूटनीतिक ताने-बाने पर कैसा असर डालेगा। भारत का साथ जरूरी... - विदेश नीति के जानकार ट्रम्प के मुंह से निकली पाकिस्तान की तारीफ को चीन के काउंटर की नीति का हिस्सा बता रहे हैं। - मगर चीन को घेरने की उनकी कोशिशें भारत को साथ लिए बगैर अधूरी हैं। ऐसे में ट्रम्प तुष्टीकरण की ऐसी कोई नीति नहीं अपनाएंगे, जिससे भारत नाराज हो। - चीन से व्यापार में कमी हुई तो कुछ भरपाई भारत से की...
January 1, 07:52 AM

महीने के 30 दिन खुश रहने के 30 फंडे, Life में होनी जरूरी हैं ये बातें

महीने के 30 दिन खुश रहने के 30 फंडे, Life में होनी जरूरी हैं ये बातें
नई दिल्ली. बच्चे का अचानक मुस्कुरा देना। अचानक दौड़कर लिपट जाना। बरसों बाद अचानक पुराने दोस्त का घर आ जाना। जो पसंद हो, वही करने को मिल जाना। यकायक किसी का ठठाकर हंस देना। अचानक आंख लग जाना। यह खुशी ही तो है, जो कई रूपों में हमारे इर्द-गिर्द है। खुशी की शर्त ही यही है कि वह आपको बाहर नहीं मिलेगी, खुद में ही ढूंढनी पड़ेगी। तो चलिए न्यू ईयर पर एक रेजिल्यूशन लें कि हम खुश रहेंगे। खुशी के आंसूक्यों आते हैं? - मशहूर गीतकार आनंद बख्शी करीब तीन दशक पहले रोते-रोते हंसना सीखो, हंसते-हंसते रोना सीखने का...
January 1, 07:35 AM

संसार की सबसे कीमती स्टार्टअप का शून्य से 70 अरब डॉलर तक का सफर

संसार की सबसे कीमती स्टार्टअप का शून्य से 70 अरब डॉलर तक का सफर
इस्पात उद्योगपति एंड्रयू कार्नेगी सहित अमेरिका के कई बड़े उद्योगपतियों ने पिट्सबर्ग में विशाल साम्राज्य खड़े किए हैं। अब इस शहर ने एक नए शक्तिशाली उद्योगपति को आकर्षित किया है। टैक्सी सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी उबर ने पिछले वर्ष ऑटोनॉमस वाहन के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए कार्नेगी मेलॉन यूनिवर्सिटी के रोबोटिक्स रिसर्च सेंटर पर धावा बोला। वह महीनों से पिट्सबर्ग की सड़कों पर सेल्फ ड्राइविंग कारों की टेस्टिंग कर रही है और कस्टमर को जल्द ही ऐसी कार मांगने का अवसर देगी। 2010...
December 31, 06:55 PM
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