‘रात को लगभग 11.30 बजे हम चार छात्र हॉस्टल कैंपस में खड़े थे
संभागीय स्तर पर हाइकोर्ट बैंच की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के तहत सोमवार को वकीलों ने फिर से नए न्यायालय परिसर के दरवाजों पर फिर से ताला जड़ दिया।
आईजीएनपी द्वितीय चरण के 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में फव्वारा सिंचाई पद्धति से फसलें लहलहाने का सपना पूरा करने की कवायद शुरू
राज्य के सभी विद्यालय शिक्षा विभाग की ओर से जारी शिविरा पंचांग से संचालित होते हैं।
खरीदारी के महायोग पुष्य नक्षत्र पर हुई ग्राहकी से सोमवार को बाजार चमक उठे।
दैनिक भास्कर की ओर से शुरू किए गए ‘रू-ब-रू’ अभियान के तहत रविवार को भास्कर परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। वार्ड नंबर सात,
त्योहारी खरीद में आए नए उत्साह ने कारोबारियों मंे नया जोश भर गया है।
हाइकोर्ट बैंच की मांग को लेकर वकीलों ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। रैली, जूलूस, धरना और क्रमिक अनशन के बाद अब
रूबरू कार्यक्रम में समस्याओं को खुलकर रखा और लंबे समय से इनका समाधान नहीं होने पर आक्रोश जताया।
हाइकोर्ट बैंच की मांग को लेकर वकीलों की अनिश्चतकालीन हड़ताल जारी है।
विभाग में तबादलों की सूचियां जारी करने का काम 12 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक एस.एस.बिस्सा ने एक स्कूल के हेडमास्टर से जब प्रथम टेस्ट का रिजल्ट पूछा तो वह बगले झांकने लगा।
प्रदेश के 3108 माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक व्यवस्था के तहत तृतीय श्रेणी अध्यापकों को लगाया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में बेटी के दाखिले के समय रैगिंग को लेकर थोड़ा चिंतित रहे महेन्द्रसिंह भारी अब कॉलेज का माहौल और बेटी को मिले अनुभव से काफी संतुष्ट हैं।
शिक्षा विभाग में काम करने वाले मंत्रालयिक कर्मचारियों के व्यापक स्तर पर तबादले किए जाएंगे।
द्वितीय श्रेणी शिक्षक पदों पर हुई पातेय वेतन पदोन्नतियां विवादों में आ गई है। कहीं सूचियों में फेरबदल हो रहा है तो कहीं नियमों की अनदेखी हुई है।
पूगल तहसील के चक पांच जीबी में कुड़का लगाकर हिरन के शिकार का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने कुड़के में फंसे हिरन को बचा लिया।
नरेगा श्रमिकों को दीपावली से पहले सितम्बर माह तक के पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा।
मिड-डे-मील योजना के तहत गुरुवार को बच्चों को पोषाहार नहीं मिला। पोषाहार की क्वालिटी को लेकर भी कई बार शिकायतें प्रशासन को मिल चुकी है.
इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 15 अक्टूबर से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाना तय हो गया है मगर टेल तक पानी पहुंचाने के लिए ठोस प्रयास नहीं हुए.