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Kalpesh Yagnik


दैनिक भास्कर समूह के नेशनल एडिटर
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कहीं ऐसी तो नहीं है सरबजीत की रहस्यमय कहानी

राजनीति

‘एक बार एक पागल ने पूछा: सुनो, ये पाकिस्तान क्या है? काफी सोचकर दूजे ने जवाब दिया - पाकिस्तान, दरअसल हिंदुस्तान में एक जगह है, जहां उस्तरे बनते हैं! ’                                       - सआदत हसन मंटो की कालजयी कहानी टोबा टेक सिंह से तोशेखाने के घड़ियाल...

Posted on 483 days ago

किसी तरह की परीक्षा दे रहे हैं? तो इसे जरूर पढ़िए

राजनीति

‘हमसे बड़ी गलती हो जाएगी, इस भय के साथ जीना ही सबसे बड़ी गलती...

Posted on 499 days ago

शू-स्वागतम् : दोहरे चरित्र से बनी परम्परा

राजनीति

'जूता ग़लत है। मुशर्रफ को जनमत और कानून बाहर फेंक देंगे।'                              - हामिद मीर 29 मार्च 2013 ट्विटर परपाकिस्तान लौटे पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ पर जूता फेंकना किस बात का प्रतीक है? लोग उनसे घृणा कर रहे हैं? या विरोधी दल उनसे डर गए हैं?...

Posted on 514 days ago

सरकार ने की युवाओं को ग़लत समझने की ऐतिहासिक ग़लती ; देश ने रोक ली

राजनीति

सारा देश, कोई दस दिन से आक्रोशित था। घर-घर में बात हो रही थी। तीखी बात। हर कोई पूछता : आखिर सरकार को हो क्या गया है? वह हमारे 16 साल के बच्चों को सेक्स के लिए उकसाना क्यों चाहती है? 'भास्कर' ने देश में सबसे पहले 'संबंधों' की उम्र कम किए जाने के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया। जन युद्ध।...

Posted on 531 days ago

100 महिलाओं पर ज़्यादती चलेगी, किन्तु किसी एक यौन अपराधी पर ज़्यादती नहीं होने देगी यह सरकार!

राजनीति

'चाहे 100 अपराधी छूट जाएं, किसी एक निर्दोष को सज़ा नहीं होनी चाहिए'                                    - भारतीय कानून की मूल भावना के रूप में चर्चित वाक्य                                         इसी से प्रेरित इस बार के कॉलम की हेडलाइन यह...

Posted on 531 days ago

सरकार 16 साल के बच्चों के ‘संबंध’ वैध करने जा रही है; आप कुछ कहेंगे नहीं?

राजनीति

'16 क्या, सेक्स संबंध तो 14 वर्ष के बच्चों के मान्य होने चाहिए क्योंकि वे अब ‘सहमति’ और शोषण में अंतर बखूबी समझते हैं।'                      - केंद्रीय कानून मंत्रालय का नोट 6 मार्च 2013 को।  'हर दूसरी भारतीय लड़की की कम उम्र में शादी की जा रही है। 470 बच्चियां यहां 18 से...

Posted on 539 days ago

कौन कहता है यह चुनावी बजट नहीं है? जरूर है। जानिए, कैसे?

राजनीति

हमेशा वित्तमंत्री चाणक्य का मूलमंत्र बताते रहे हैं कि ‘कर ऐसे जुटाएं कि किसी को पता ही न चले।’ इस बार उलटा किया : ‘बजट में वोट की राजनीति इस तरह की कि किसी को पता ही न चला’                                                                         ...

Posted on 549 days ago
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