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दूरदर्शन और आकाशवाणी का ऐतिहासिक महत्व

दूरदर्शन और आकाशवाणी का ऐतिहासिक महत्व

प्रकाश झा की पहल से भोपाल में फिल्मों की शूटिंग होने लगी है और भोपाल की पृष्ठभूमि पर 'कुबूल है' नामक सीरियल एपिसोड दर एपिसोड लोकप्रिय होता जा रहा है। सीरियल संसार में कथा को रबर के टूट जाने की हद तक खींचा जाता है और घटनाओं तथा संवादों का सरदर्द करने वाला दोहराव होता है।...(1069 days ago)

सितारा व्यवसाय प्रबंधन

सितारा व्यवसाय प्रबंधन

माधुरी दीक्षित नेने ने अपने पति और बच्चों के साथ भारत आने का फैसला किया और मुंबई में अपने साथ लाए सामान को खोलने के पहले अपने सत्ताइस वर्ष पुराने सचिव रिक्कू राकेशनाथ की छुट्टी कर दी। राकेशनाथ यह मानकर चल रहे थे कि वे ताउम्र माधुरी के सचिव रहेंगे। इस प्रकरण में माधुरी...(1128 days ago)

...तो इसलिए सफल हो रही है 'सन ऑफ सरदार'

अजय देवगन की 'सन ऑफ सरदार' में संजय दत्त की शादी जूही से हो रही है और परिवार के सदस्य की पुश्तैनी दुश्मन द्वारा हत्या का समाचार मिलने पर संजय दत्त शपथ लेते हैं कि हत्यारे के वंश का नाश करने के बाद ही वे विवाह करेंगे। कई वर्ष पश्चात आधी दुल्हन अपनी ननद हो सकने वाली...(1176 days ago)

लाल सलाम थोड़ा सिंदूरी-सा है

प्रकाश झा की फिल्म ‘चक्रव्यूह’ दो मित्रों की कथा है, जिसमें उनके अपने कर्तव्य की खातिर लिए गए निर्णय जीवन के एक मोड़ पर राजनीतिक सिद्धांतों के कारण उन्हें एक-दूसरे का दुश्मन बना देते हैं। इसके बाद वे उसी शिद्दत सेदुश्मनी निभाते हैं, जिस तरह उन्होंने मित्रता निभाई...(1179 days ago)

एक दिन के लिए उलटफेर

वासु  भगनानी चायपत्ती के व्यवसाय से भवन निर्माण के धंधे में आए और साथ ही ‘कुली नं.1’ जैसी व्यावसायिक डेविड धवन के स्कूल की फिल्में बनाते रहे हैं।उन्होंने अपने पुत्र जैकी भगनानी को सितारा बनाने के प्रयास में अब तक तीन फिल्में बनाईं, जिनमें से एक ‘फालतू’ नामक फिल्म...(1179 days ago)

नायक खलनायक का सामाजिक पोस्टमार्टम

बिल  बटलर एक कवि थे और उनकी रुचि लोककथाओं और धार्मिक आख्यानों में थी। उनकी मृत्यु १९७७ में हुई औरउनकी लिखी अंतिम किताब ‘द मिथ ऑफ द हीरो’ १९७९ में प्रकाशित हुई, जिसमें उन्होंने आख्यानों और साहित्य में प्रस्तुत नायक और खलनायक का विवरण उनके कालखंड के संदर्भ में किया...(1179 days ago)

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